चंपावत। एक ओर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिलेभर के स्कूलों और महाविद्यालयों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के अधीन संचालित चंपावत कैंपस में योग विषय के शिक्षक और प्रशिक्षकों का अभाव है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को योग शिक्षा और प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। इससे उनके भविष्य पर भी असर पड़ रहा है।
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के अधीन संचालित चंपावत कैंपस में एमए योग, पीजी डिप्लोमा इन योगिक साइंस और छह माह का सर्टिफिकेट कोर्स इन नेचुरोपैथी संचालित हैं। वर्तमान में लगभग 80 से अधिक छात्र-छात्राएं इन पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान देने के लिए परिसर में योग शिक्षक और प्रशिक्षक के पद स्वीकृत हैं। बावजूद दोनों पद रिक्त चल रहे हैं।
नियमित शिक्षक नहीं होने के कारण हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. भवान सिंह को योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इससे विभाग का संचालन तो हो रहा है लेकिन विशेषज्ञ शिक्षकों के अभाव में छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है।
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कैंपस में योग विषय के शिक्षक और प्रशिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए विश्वविद्यालय के माध्यम से शासन को पत्र भेजा गया है। इन पदों पर नियुक्ति शासन स्तर से की जाती है।
-डॉ. सिमरन, प्रभारी निदेशक, चंपावत कैंपस