खलियाटाप के आसपास स्थित रूई, गैरधार, रातापानी, कालामुनि, बनिक और गिरगांव के बुग्यालों में पिछले 24 घंटे से भीषण आग भड़की है। मुनस्यारी के आसपास आसमान काले धुंए से पट गया है। इन दिनों कस्तूरी मृग, हिमालयी भालू, तेंदुआ समेत अन्य जानवर ठंड से बचने के लिए घाटी वाले इलाकों को उतरते हैं। शिकारी उनको आग लगाकर घेर लेते हैं और मार गिराते हैं। इन बुग्यालयों में राज्य पक्षी मोनाल भी पाया जाता है। आग से उसके अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। आग को देखते हुए वन विभाग और तहसील प्रशासन सक्रिय हो गया है।
इन बुग्यालों में खरसू, तिमसु, ल्वेटा, बुरुंश आदि के पेड़ पाए जाते हैं। कस्तूरी मृग इन पेड़ों की पत्तियों को ही चारे के रूप में खाता है। आग से इन पेड़ों को भी खतरा पहुंच रहा है। वन रेंजर लवराज सिंह ने बताया कि आग बुझाने और आग लगाने वालों को पकड़ने के लिए वन दरोगा हयात सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम मौके पर भेज दी गई है। इसके अलावा कुछ स्थानीय लोगों को भी भेजा गया है। ताकि वन्यजीव तस्करों को दबोचा जा सके। एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम को भी बुग्यालों में रवाना कर दिया गया है। इस बार बुग्यालों में आग लगाने की यह तीसरी घटना हो गई है लेकिन वन विभाग किसी भी तस्कर को नहीं पकड़ पाया है। शीतकाल में वर्षों से वनन्य जीव तस्कर यह हरकत कर रहे हैं लेकिन कभी भी कोई पकड़ में नहीं आ पाता।