पिथौरागढ़। सीमांत के तेंदुओं पर बाहर के शिकारी नजर गढ़ाए बैठे हैं। यहां हमलवार तेंदुओं को आदमखोर घोषित करा उनको मारने में उन्हें अपना हित दिखाई दे रहा है। डीएफओ जीवन मोहन दोगड़े ने बताया कि तेंदुए को मारने के लिए अब बाहर से शिकारी नहीं बुलाए जाने के वह अपने सूत्रों को भड़का रहे हैं। यह सूत्र उनके कहने पर गांवों में तेंदुए के खौफ से अन्य लोगों को भयभीत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम को एक ऐसे ही व्यक्ति का पता चला है जो ग्रामीणों को भड़का रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से ऐसे लोगों के बहकावे में नहीं आने का अनुरोध किया है।
गंगोलीहाट के जाखनी उप्रेती में पिछले माह तेंदुए ने एक बालिका और बालक पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल बालक ने बाद में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया। क्षेत्र में दो तेंदुए पकड़ में आए। डीएफओ जीवन मोहन दोगड़े का कहना है कि जब दूसरा तेंदुआ पकड़ में आया तो उसकी गांव के लोगों और पीड़ित परिवार से पुष्टि कराई गई। तेंदुआ पकड़ में आने के दिन ही तीसरा तेंदुआ दिखाई देने की बात भी प्रचारित कर भय का माहौल बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि जंगल में तेंदुए होंगे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोगों से तेंदुए और अन्य वन्य जीवों से सावधान रहने और किसी के बहकावे में नहीं आने की अपील की है।
अभी भी गश्त कर रही है टीम
पिथौरागढ़। गंगोलीहाट के जाखनी उप्रेती गांव के आसपास अभी भी वन विभाग की टीम गश्त कर रही है। डीएफओ जीवन मोहन दोगड़े का कहना है टीम को घटनास्थल के आसपास गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्रामीणों से भी सतर्क रहने को कहा गया है। संवाद