पिथौरागढ़। नन्हीं परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज के बचे हुए निर्माण और सुरक्षात्मक कार्य के लिए कार्यदायी संस्था बदलने का कार्य शुरू हो गया है। आचार संहिता खत्म होते ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
जिला मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर मड़धूरा में कार्यदायी संस्था यूपी निर्माण निगम ने इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण कार्य किया है। भवन निर्माण में अनियमितता और सुरक्षात्मक कार्य नहीं होने से भवन खंडहर बन गया है। अमर उजाला में खबर के प्रकाशित होने के बाद हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने के बाद भवन को ठीक कर वहीं इंजीनियरिंग कॉलेज को शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। वर्तमान में कार्यदायी संस्था यूपी निर्माण निगम का कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कार्यदायी संस्था को बदलने का कार्य किया जा रहा है।
शेष कार्य और सुरक्षात्मक कार्य के लिए जल्द ही नई कार्यदायी संस्था का चयन किया जाएगा जिसके बाद डीपीआर बनाकर शासन को भेजी जाएगी। शासन से स्वीकृति मिलते ही इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। जिले के विभिन्न राजनीतिक संगठन भी सरकार से मड़धूरा में ही निर्माण कार्य पूरा कराकर वहीं कॉलेज का संचालन करने की मांग कर रहे हैं क्योंकि यहां भवन निर्माण में 14.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। निर्माणाधीन कॉलेज तक करोड़ों की लागत से पक्की सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया है।
छात्र-छात्राओं के लिए है बस की सुविधा
पिथौरागढ़। इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं और कॉलेज स्टाफ को मड़धूरा पहुंचने में दिक्क्त ना हो इसके लिए बस खरीदी गई है। इसका इस्तेमाल छात्र-छात्राओं और स्टाफ को कॉलेज तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। संवाद
हाईकोर्ट में चल रहा है मामला
पिथौरागढ़। मड़धूरा इंजीनियरिंग कॉलेज निर्माण में अनियमितता का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। कोर्ट का फैसला आने के बाद कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई हो सकती है। कुछ समय पूर्व इंजीनियरिंग कॉलेज प्रबंधन कार्यदायी संस्था के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया है। कार्यदायी संस्था को सरकार ने नुकसान की भरपाई करने के निर्देश दिए हैं। संवाद
कोट
मड़धूरा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में सुरक्षात्मक और बचे हुए निर्माण कार्य कराए जाने हैं। वर्तमान में कार्यदायी संस्था को बदलने को कार्य चल रहा है। आचार संहिता खत्म होने के बाद कार्य शुरू होने की उम्मीद है। - अजीत सिंह, निदेशक, नन्ही परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज, पिथौरागढ़।