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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में साकार नहीं हो सका रई झील का सपना

Thu, 25 Jan 2024 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। उत्तर प्रदेश के शासनकाल में पिथौरागढ़ नगर में जिस रई झील का निर्माण कर पर्यटन को बढ़ावा देने का सपना देखा गया था, वह राज्य गठन के 23 साल बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। वर्ष 1990 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ के रई क्षेत्र में झील निर्माण की घोषणा की थी। वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य बना तो मुख्यमंत्री से लेकर जिले में आने वाले मंत्रियों और विधायकों ने हर बार रई झील बनाने का वादा किया। राज्य गठन के 23 साल पूरे हो चुके है। इसके बावजूद रई झील के दावे और वादे आज तक पूरे नहीं हो सके। हालांकि अब सिंचाई विभाग इस झील के निर्माण के लिए दोबारा सर्वे करने की बात कह रहा है। कब झील बनेगी और कब पर्यटन बढ़ेगा यह कहा नहीं जा सकता है। संवाद
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लोकार्पण के बाद भी शुरू नहीं हो सकी जल विद्युत परियोजना
पिथौरागढ़। जिले के मुनस्यारी में निर्मित सुरिंगगाड़ जल विद्युत परियोजना से बिजली उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। लोग तीन साल से बिजली उत्पादन की राह देख रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर 2021 को हल्द्वानी से सुरिंगगाड़ जल विद्युत परियोजना का वर्चुअल लोकार्पण किया था। तीन साल बाद भी परियोजना शुरू नहीं हो पाई है। यूजेवीएनएल की बहुप्रतीक्षित इस परियोजना का काम गोगोल हाइड्रो लिमिटेड ने वर्ष 2015 में शुरू किया था। करीब 50 करोड़ रुपये की इस परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2021 में पूरा किया किया गया था। परियोजना में 2.5-2.5 मेगावाट की दो मशीनों से मुनस्यारी विकासखंड के साथ ही आसपास के क्षेत्रों को भी बिजली उपलब्ध कराई जानी है। इस परियोजना से राज्य को सालाना 26.41 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया था। बिजली उत्पादन नहीं होने से सरकार को भी राजस्व नहीं मिल पा रहा है। संवाद
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