आदि कैलाश में पुजारी के साथ पर्यटकों का दल। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। आदि कैलाश स्थित महादेव मंदिर के कपाट भी बंद हो गए हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र में ठंड बढ़ने के कारण 10 से अधिक होटल स्वामी भी अपने प्रतिष्ठान बंद कर निचली घाटी में लौट आए हैं। वर्तमान में सुरक्षा बलों के जवान ही ज्योलिंकांग में मौजूद हैं।
कुटी निवासी होम स्टे संचालक कुंवर सिंह कुटियाल और पुनीत सिंह कुटियाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश के दर्शन के बाद यहां आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ी है। इससे पर्यटन कारोबारियों की आमदनी भी बढी है। उन्होंने बताया कि ज्योलिंकांग और कुटी के अधिकतर लोग निचली घाटी को लौट आए हैं।
ओम टूर ट्रैवल के संचालक हरीश सिंह कुटियाल ने बताया कि प्रधानमंत्री के आदि कैलाश दर्शन के बाद देश-विदेश में इसकी काफी चर्चा हुई है। अगले साल तक यदि प्रशासन और बीआरओ सड़क मार्ग को और अधिक सुविधाजनक बना दें और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं तो यात्रियों की संख्या काफी अधिक बढ़ सकती है।
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अब तक 13 हजार यात्रियों ने किए दर्शन
धारचूला। उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्री आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को तहसील कार्यालय से 20 से अधिक यात्रियों को इनर लाइन पास जारी किए गए हैं। प्रभारी उपजिलाधिकारी श्रेष्ठ गुंसोला ने बताया कि अब तक 13000 यात्री आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि बर्फबारी होने या सड़क बंद होने पर इनर लाइन पास जारी नहीं किए जाएंगे। संवाद