पिथौरागढ़। नगर पालिका पिथौरागढ़ को जिले के पहले नगर निगम का दर्जा तो मिला लेकिन नगर की मूलभूत समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हो सका है। नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद 20 वार्डों का विस्तार कर 40 वार्ड बनाए गए हैं। इन छोटे वार्डों में एक साल बाद भी बदहाल रास्ते और आंतरिक सड़कें दुरुस्त नहीं हो सकीं हैं, जो विकास के दावों को हवाई साबित कर रही हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी ने अभियान के तहत नगर के निराड़ा, भदेलवाड़ा, चंद्रभागा वार्ड की पड़ताल की। यहां नगर निगम की जनता को बेहतर सुविधा देने के दावों की हकीकत सामने आई। निराड़ा से भदेलवाड़ा वार्ड को जोड़ने वाला मार्ग बदहाल है। रास्ते पर बने गड्ढों में पानी भरने से दोनों वार्ड की पांच हजार से अधिक की आबादी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर है। स्वच्छता के दावों के बीच रास्ते पर बनी नाली बंद है और घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर बने गड्ढों में जमा हो रहा है। वार्ड के अन्य आंतरिक मार्गों में भी लगीं टायल जगह-जगह उखड़ने से लोग परेशान हैं। आंतरिक मार्गों पर जगह-जगह खुली नालियां भी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।
भलेलवाड़ा में भी रास्ते की हालत दयनीय
भदेलवाड़ा वार्ड का मुख्य मार्ग रोखड़ में तब्दील हो चुका है। नाली न होने से सड़क पर बह रहा गंदा पानी स्वच्छता के दावों को हवाई साबित कर रहा है। वार्डवासी कई बार मार्ग के सुधारीकरण और नाली निकास की मांग कर चुके हैं लेकिन जिम्मेदार उनकी नहीं सुन रहे। यहां के आंतरिक मार्गों में भी कंक्रीट और टायल उखड़ने से बने गड्ढे दुर्घटना का कारण बन रहे हैं और लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं।
चंद्रभागा वार्ड की सड़क बदहाल
चंद्रभागा वार्ड को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क के साथ ही आंतरिक मार्गों की बदहाली जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। मुख्य मार्ग गड्ढों से पटा है तो आंतरिक मार्ग पर भी कंक्रीट उखड़ने से बने गड्ढे वार्डवासियों की परीक्षा ले रहे हैं। हर रोज मुख्य मार्ग से स्कूली बच्चे आवाजाही करते हैं। इसकी बदहाली के चलते अभिभावकों को बच्चों के घर लौटने तक चिंता सताती है व आंतरिक मार्गों पर जगह-जगह खुली नालियों से हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
बोले लोग
नगर निगम बनने के बाद बदहाल मार्गों के सुधारीकरण की उम्मीद थी। पर ऐसा नहीं हो रहा है। हम और हमारे बच्चे हर रोज इन बदहाल मार्गों पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। - योगेश कुमार, निराड़ा
वार्ड के पैदल रास्ते जगह-जगह क्षतिग्रस्त हैं। खुली नालियां भी दुर्घटना को आमंत्रण दे रही हैं। रास्तों का सुधारीकरण और खुली नालियों को बंद न कर किसी दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है। - राजेश पांडे, चंद्रभागा
वार्ड को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग ही बदहाल है। आंतरिक मार्गों के क्या हाल होंगे यह आसानी से समझा जा सकता है। हम रास्तों के सुधारीकरण की मांग करते-करते थक गए हैं। - राज देवलाल, चंद्रभागा
वार्ड को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बदहाल हैं। हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बच्चों के घर लौटने तक उनकी चिंता सताती है। बदहाल रास्तों और नालियों का जल्द सुधारीकरण होना चाहिए। - लीला देवी, भदेलवाड़ा
कोट
वार्ड के बदहाल रास्तों के सुधारीकरण का कई बार प्रस्ताव दिया गया है। जगह-जगह टायल उखड़ने से रास्ते गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। खुली नालियों को भी बंद नहीं किया जा रहा है। नगर निगम को इन समस्याओं का प्रमुखता से समाधान करना चाहिए। - त्रिलोक सिंह महर, पार्षद, निराड़ा
कोट
नगर निगम जिम्मेदारी से काम कर रहा है। वार्ड की हर समस्याओं का समाधान करने के लिए गंभीरता से काम हो रहा है। जहां समस्या आएगी इसका समाधान किया जाएगा। - राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़