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Pithoragarh News: क्षतिग्रस्त रास्तों से शवों के लिए नहीं मिल पा रहा चार कंधों का सहारा

Wed, 27 Aug 2025 10:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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रास्ता क्षतिग्रस्त होने से दो बुजुर्गों के अंतिम संस्कार के लिए जान जो​खिम में डालकर शमशान घाट
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नाचनी(पिथौरागढ़)। दो महीने से क्षतिग्रस्त रास्ते ने पोर्थी गांव के ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों के लिए क्षतिग्रस्त रास्ते पर अर्थी पर दो शवों को श्मशान घाट पहुंचाना मुश्किल हुआ। एक लट्ठे पर बांधकर जान जोखिम में डालकर ग्रामीणों ने शवों को श्मशान घाट पहुंचाया तब जाकर इनका अंतिम संस्कार हुआ। लंबे समय बाद भी क्षतिग्रस्त रास्ते के ठीक न होने से ग्रामीणों में खासा आक्रोश है।
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पोर्थी गांव के युवक कमल बिष्ट ने बताया कि मुख्य सड़क से बांसबगड़ को जोड़ने वाला रास्ता दो महीने से क्षतिग्रस्त है। ऐसे में ग्रामीण कई तरह की दुश्वारियां झेल रहे हैं। बीमारों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि गांव के दो बीमार बुजुर्गों की मौत हो गई। क्षतिग्रस्त रास्ते पर चार कंधों के सहारे अर्थी को शमशान घाट तक पहुंचाना असंभव था। ऐसे में लट्ठे पर शवों को बांधकर दो कंधों के सहारे जान जोखिम में डालकर श्मशान घाट पहुंचना पड़ा।
उन्होंने कहा कि हर रोज इसी रास्ते से बच्चे भी स्कूल पहुंचते हैं। रास्ता क्षतिग्रस्त होने से बच्चों को भी खतरे के बीच आवाजाही करनी पड़ रही है। बारिश होने पर अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज कर रहे हैं। चार साल में सिर्फ पांच किलोमीटर सड़क काटी गई है। ऐसे में हमारा गांव सड़क से वंचित है। पैदल रास्ते के भी क्षतिग्रस्त होने से दिक्कत बढ़ गई है।
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