छुरमलधार-सेठीगांव सड़क को दुरुस्त करते युवा
- फोटो : अमर उजाला
सेठीगांव के ग्रामीणों ने श्रमदान से सड़क को आवागमन के लायक बनाकर शासन-प्रशासन को आइना दिखाया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि शहीद हरीश गुरुंग के नाम पर बनी सड़क की दुर्दशा को देखने वाला कोई नहीं है।
मंडी परिषद की ओर से वर्ष 2006-07 में छुरमलधार से सेठीगांव-गाड़गांव तक तीन किमी सड़क कटिंग का कार्य किया गया। इस सड़क को शहीद हरीश गुरंग मोटर मार्ग नाम दिया गया। उक्त सड़क पर बरसात के सीजन में आवागमन करना बेहद कठिन हो जाता है। सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो जाती है। कांग्रेस शासनकाल में ग्रामीणों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के समक्ष भी सड़क की बदहाली का मामला उठाया था। इस पर उन्होंने उक्त सड़क को लोनिवि को हस्तांतरित करने की घोषणा की थी।
ग्रामीणों ने कई बार लोनिवि अधिकारियों के समक्ष सड़क को आवागमन के लायक बनाने की मांग उठाई, लेकिन लोनिवि अधिकारियों ने बजट नहीं होने का रोना रोया। इस पर ग्रामीणों ने खुद ही सड़क सुधारीकरण करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद सड़क को आवागमन के लायक बना डाला। श्रमदान करने वालों में राम सिंह, प्रमोद खनका, शिवम गुरंग, हरीश जीना, ललित थापा, विजय गुरुंग, संजय गुरुंग, रवि महर, महिमन सिंह, हरीश दिगारी आदि शामिल रहे।