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Pithoragarh News: बच्चे बीमार, सिस्टम लाचार... अस्पताल के बरामदे में ठिठुरते हुए इलाज कराने की मजबूरी

Tue, 28 Oct 2025 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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जिला अस्पताल के बरामदे में भर्ती मरीज। संवाद
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पिथौरागढ़। मौसम के बिगड़े मिजाज ने बुजुर्गों और बच्चों की सेहत बिगाड़ दी है। अचानक से तापमान गिरा तो बुजुर्ग सांस की दिक्कत जबकि बच्चे नियोनिया, टायफायड से जूझते हुए बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचने लगे हैं। हालात यह हैं कि बच्चों और बुजुर्गों के वार्ड फुल हो गए हैं और बरामदे में बिस्तर लगाने पड़े हैं। दो दिन के भीतर ओपीडी में भी खासा उछाल आया है। 1600 मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे हैं।
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सीमांत जिले में बीते रविवार तक मौसम साफ था और चटख धूप खिलने से लोगों को राहत मिल रही थी। अचानक बीते सोमवार को मौसम ने करवट बदली और बादल छाने से तापमान तीन डिग्री गिरा तो इसका सीधा असर बच्चे और बुजुर्गों की सेहत पर पड़ा है। जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, बीते दो दिनों में ओपीडी में खासा उछाल आया है। बीते सोमवार और मंगलवार को दो दिनों में 1600 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है।
अधिकांश बच्चे निमोनिया, टायफायड तो बुजुर्ग सांस की दिक्कत से जूझ रहे हैं। मौसम में बदलाव इसका प्रमुख कारण है। अस्पताल में दबाव इतना बढ़ गया कि बच्चों और बुजुर्गों के वार्ड फुल हो गए हैं और इनका बरामदे में बिस्तर लगाकर इलाज करना पड़ रहा है। बीते शनिवार को जिला अस्पताल में 120 बेड के सापेक्ष 117 मरीज भर्ती थे। मंगलवार को अस्पताल में 143 मरीज भर्ती किए गए।
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पर्ची काटने के लिए भी मारामारी
जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ अधिक होने से पर्ची कटवाने के लिए मारामारी रही। पर्ची काउंटर में लंबी लाइन लगी रही। लंबे इंतजार के बाद मरीजों ने किसी तरह पर्ची कटवाई तो उन्हें चिकित्सक कक्ष के बाहर भी अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।

इन बातों का रखें ध्यान
बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाना जरूरी है। गर्म कपड़ों के साथ ही गर्म पेय पदार्थों का सेवन आवश्यक है। सांस की दिक्कत से जूझ रहे बुजुर्गों को मास्क का उपयोग करना चाहिए। सभी के लिए पौष्टिक आहार जरूरी है ताकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी हो।
कोट
मौसम में बदलाव से लोग अधिक बीमार हो रहे हैं। सभी को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा। अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। हर मरीज का बेहतर इलाज करने के लिए अस्पताल प्रबंधन गंभीर है। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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फोटो 28 पीटीएच 03पी - जिला अस्पताल के बरामदे में भर्ती मरीज। संवाद
फोटो 28 पीटीएच 04पी - चिकित्सक कक्ष के बाहर इलाज के लिए अपनी बारी का इंतजार करते बच्चे और इनके अभिभावक। संवाद
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