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Pithoragarh News: उपेक्षा के पतझड़ ने छीन ली बसंती की जिंदगी

Sun, 12 Oct 2025 10:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। पहाड़ पर विकास के दावे बासीखेत गांव की बसंती देवी की चौखट तक नहीं पहुंच पाए। उनके गांव तक सड़क नहीं है और बीमार पड़ीं तो अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिला। नतीजा यह रहा कि बसंती देवी ने अन्य अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। सड़क और समय पर डॉक्टर के लिए न जाने पहाड़ में कितनी ही जानें काल के गाल में समा चुकी हैं और सिस्टम दावों की झड़ी लगाकर खुश रहता है।
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बासीखेत गांव की 70 वर्षीय बसंती देवी की तबीयत बीते शनिवार को अचानक बिगड़ गई। पेट दर्द से कराहती बसंती देवी को सड़क न होने पर ग्रामीणों ने डोली में बैठाकर ढाई किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर डोली के सहारे देवराड़ी पंत में मुख्य सड़क पहुंचाया। थके-हारे ग्रामीण यहां से उन्हें वाहन से चार किमी दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनकोट ले गए लेकिन इससे पहले कि बसंती अस्पताल पहुंचती उपेक्षा का पतझड़ वहां पहुंच चुका था। दर्द से तड़पती बसंती देवी को देखने के लिए अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं मिला।
इसके बाद हिम्मत जुटाकर ग्रामीण उन्हें 14 किमी दूर सीएचसी गणाई ले जाने लगे लेकिन अस्पताल पहुंचने से पांच किलोमीटर पहले ही बुजुर्ग महिला ने दुनिया को अलविदा कह दिया। बिना सड़क वाले बासीखेत गांव से बसंती देवी की मौत की खबर को भी जिला मुख्यालय पहुंचने में एक दिन लग गया।
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परिजनों का कहना है कि यदि गांव तक सड़क होती तो उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता था। साथ ही नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती होती तो उन्हें स्थानीय स्तर पर ही इलाज मिल जाता और शायद आज वह जिंदा होतीं। ग्रामीण एडवोकेट ठाकुर सिंह डसीला ने कहा कि सिर्फ सिस्टम की लापरवाही से महिला की जान चली गई। महिला की मौत की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन को लेनी चाहिए।
गांव तक नहीं बनी सड़क, अस्पताल में छह महीने से डॉक्टर नहीं
बासीखेत गांव को जोड़ने के लिए अब तक सिस्टम ढाई किलोमीटर सड़क नहीं बना सका है। गांव के नजदीकी बनकोट स्वास्थ्य केंद्र में भी छह महीने से डॉक्टर नहीं है। ऐसे में बीमारों को डोली के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना और फिर इलाज के लिए उन्हें लेकर भटकना ग्रामीणों की नियति बन गई है। इलाज भी मिल पाएगा या नहीं, यह भी किस्मत पर निर्भर रहता है।
कोट
बनकोट स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की तैनाती के लिए निदेशालय को पत्र लिखा गया है। नियुक्ति होने पर प्राथमिकता के आधार पर यहां चिकित्सकों की तैनाती होगी। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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