पिथौरागढ़/डीडीहाट। जनपद में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच प्रमुख हाईवे सहित अन्य सड़कों पर पाला गिरने से खतरा बढ़ गया है। वाहन रपट रहे हैं लेकिन अब तक संबंधित विभागों की तरफ से यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए किए जाने वाले इंतजाम गायब है। पाला प्रभावित स्थानों पर न तो चूने का छिड़काव किया जा रहा है और न चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। ऐसे में सड़क सुरक्षा के दावे हवाई साबित हुए हैं।
जिले में कई स्थानों पर सुबह-शाम जमकर पाला गिर रहा है। पिथौरागढ़-धारचूला हाईवे पर जाजरदेवल से नैनीपातल तक कई जगह सड़क पाले से पटी है। वहीं डीडीहाट-पमस्यारी, थल-डीडीहाट सड़क पर भी विभिन्न स्थानों पर भी पाला गिर रहा है। डीडीहाट नगर में तहसील और अस्पताल रोड पर पाले में आए दिन दोपहिया वाहन रपट हैं।
इन स्थानों पर अब तक वाहन चालकों को आगाह करने के लिए चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं। वहीं अब तक पालाग्रस्त जगहों पर नमक और चूने का छिड़काव भी नहीं किया है। ऐसे में यात्री और वाहन चालक जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। जिम्मेदार विभाग शायद सुरक्षा के इंतजाम करने से हाथ पीछे खींचते हुए किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं।
बैठकों में जारी हो रहे हैं निर्देश, धरातल पर गायब
शीतकाल के दौरान संभावित आपदाओं के प्रबंधन की पूर्व तैयारी, आपदाओं को कम करने, सुरक्षा संरचनाओं की तत्काल बहाली के लिए कुछ दिन पूर्व जिला आपदा प्रबंधन की बैठक हुई। इसमें सभी तहसील प्रशासन के साथ कार्यदायी संस्थाओं से पालायुक्त स्थलों पर नियमित रूप से नमक और चूने का छिड़काव करने के निर्देश जारी किए गए। यह निर्देश अब तक हवा-हवाई साबित हुए हैं।
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एडीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में संबंधित अधिकारियों को पालायुक्त सड़कों पर सुरक्षा के उचित इंतजाम करने के निर्देश जारी हुए हैं। रैनबसेरों में व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए भी कहा गया है। - भूपेंद्र महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़
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सड़कों पर पाला गिरने से वाहन रपटने की सूचनाएं मिल रही हैं। संबंधित विभागों को पालाग्रस्त सड़कों पर चूने का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं। - खुशबू पांडे, एसडीएम, डीडीहाट