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शारीरिक क्षमता और संकल्प की परीक्षा भी है आदि कैलाश परिक्रमा रन : धामी

Sun, 25 Oct 2026 11:11 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़/धारचूला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आदि कैलाश परिक्रमा रन- 2.0 में प्रतिभाग किया। गुंजी पहुंचकर उन्होंने 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर मैराथन के विजेताओं और अन्य प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनके जज्बे की सराहना की। विभिन्न राज्यों से पहुंचे धावकों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि ये केवल एक मैराथन नहीं बल्कि प्रतिभागियों की शारीरिक क्षमता, आत्मविश्वास, इच्छाशक्ति, साहस और संकल्प की परीक्षा भी है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष नवंबर में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन 2.0 के प्रथम संस्करण में 700 से अधिक धावकों ने प्रतिभाग किया था। प्रथम संस्करण की सफलता के बाद आदि कैलाश क्षेत्र में पर्यटकों और साहसिक खेल प्रेमियों का आकर्षण लगातार बढ़ा है। वर्ष 2025 में इस क्षेत्र के लिए लगभग 36,500 इनर लाइन परमिट जारी किए गए थे जबकि इस वर्ष अब तक यह संख्या बढ़कर 67,000 से अधिक हो गई है।

उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन सीमांत क्षेत्रों में बढ़ते पर्यटन और इनकी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती पहचान का प्रमाण है। ऐसे साहसिक आयोजन सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने मैराथन के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए भारतीय सेना, एसएसबी और आईटीबीपी का आभार जताया और सम्मानित किया।
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इससे पूर्व गुंजी हेलीपैड पर दायित्वधारी अशोक नबियाल, पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी सहित जनप्रतिनिधियों और अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। रं समुदाय की ओर से मुख्यमंत्री को समुदाय की पारंपरिक पगड़ी ‘बैंटिलो’ और पारंपरिक पुरुष परिधान ‘रंगा’ पहनाकर सम्मानित किया गया।

माणा पास से औली तक आयोजित होगी 100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन

पिथौरागढ़/धारचूला। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार अगले वर्ष मई के प्रथम सप्ताह में ‘100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन’ का आयोजन करेगी। यह दौड़ लगभग 5,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा पास से शुरू होकर बदरीनाथ और जोशीमठ होते हुए औली तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से देश-विदेश के धावकों को उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी भूगोल और साहसिक खेलों की संभावनाओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। इससे सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को विस्तार मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

सीएम धामी ने कहा कि औली की बर्फीली ढलानों से लेकर ऋषिकेश में मां गंगा की लहरों तक, मुनस्यारी की ऊंची पर्वत चोटियों से लेकर टिहरी झील तक उत्तराखंड साहसिक खेलों के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। राज्य ने बीते वर्षों में साहसिक खेलों और विभिन्न बड़े आयोजनों की सफल मेजबानी कर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
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