थल-मुनस्यारी मार्ग पर बनिक के पास मलबे को हटाती जेसीबी
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थल-मुनस्यारी मार्ग पर रातीगाड़ से निपटने के बाद अब बनिक में नया डेंजर जोन बन गया है। मंगलवार शाम बनिक के पास भारी मात्रा में भूस्खलन होने से थल-मुनस्यारी मार्ग बंद हो गया। जो 17 घंटे बाद सुचारु किया गया। हालांकि, बनिक के ऊपर से लगातार हो रहे भूस्खलन से जान जोखिम में डालकर यातायात सुचारु किया जा रहा है।
दो जुलाई को बनिक की पहाड़ी से भूस्खलन हुआ। इसके बाद यहां पर रुक-रुक कर मलबा गिर रहा है। मंगलवार शाम छह बजे बनिक के पास भारी मात्रा में भूस्खलन हो गया। मलबे के साथ बोल्डर भी सड़क पर गिर गए। इस कारण यह सड़क बंद हो गई। बुधवार सुबह सात बजे से लोनिवि के जेसीबी ऑपरेटर लक्ष्मण सिंह सयाला ने सड़क को खोलना शुरू किया। इस दौरान भी बोल्डर लगातार गिरते रहे।
11 बजे सड़क से मलबा और बोल्डर हटाकर सड़क को यातायात के लिए खोला गया। बनिक के पास नया डेंजर जोन बन गया है। भूस्खलन होने से सड़क कब बंद हो जाए कोई भरोसा नहीं। सड़क बंद होने से मंगलवार रात से ही दर्जनों वाहन फंस गए। बाद में यातायात सुचारु होने पर वाहन चालकों के साथ ही यात्रियों ने भी राहत की सांस ली।
चार घंटे बंद रहा पिथौरागढ़-धारचूला मार्ग
अस्कोट। टनकपुर-तवाघाट एनएच खिरचना के पास भारी मात्रा में भूस्खलन होने से चार घंटे से भी अधिक समय तक बंद रहा। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सुबह नौ बजे मलबा हटाकर सड़क पर आवागमन सुचारु किया गया। खिरचना में मंगलवार रात सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिर गए। सुबह पिथौरागढ़ से धारचूला, डीडीहाट और वहां से आने वाले वाहन फंस गए। सूचना पर ग्रिफ के साइड इंचार्ज नितिन मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आठ बजे बाद ही सड़क पर कार्य होता है, लेकिन यात्रियों की परेशानी को देखते हुए सुबह पांच बजे से मलबा और बोल्डर हटाने का काम शुरू कर दिया गया।