ग्राहकों का इंतजार करते कपड़ा व्यापारी।
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पिथौरागढ़। कोरोना के चलते कपड़ा व्यापार 80 प्रतिशत प्रभावित हुआ है। इस कारण कपड़ा व्यवसायी काफी चिंतित हैं।
कोविड काल में कपड़ा व्यवसाय कम हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि रेडीमेड का प्रचलन बढ़ने के कारण कपड़ा व्यवसाय दुष्प्रभावित हुआ था। कोविड के बाद व्यवसाय 20 प्रतिशत ही बचा है। व्यापारियों का कहना है कि वह खाली दुकानें खोलकर ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं। कभी-कभी तो एक रुपये की भी बिक्री नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि दुकानों में कम ग्राहक आ रहे हैं। ऐसे में उनको अपनी आजीविका चलाने में काफी दिक्कत हो रही है। कपड़ा व्यापारियों ने सरकार से व्यापारियों को आर्थिक मदद देने की मांग की है। इससे मंदी में उनको कुछ राहत मिल सके।
कोट....
कोविड के कहर के बाद कपड़ा व्यवसाय चौपट है। व्यापारी दुकानें खोलकर ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार को कपड़ा व्यापारियों को मंदी से उभारने के लिए उन्हें मदद करनी चाहिए।
- जनार्दन नगरकोट, कपड़ा व्यापारी, सिमलगैर बाजार।
कोविड के कहर के बाद कोरोना कपड़ा व्यवसायियों की पूरी तरह कमर टूट चुकी है। व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है। सरकार को कपड़ा व्यापारियों की मदद करनी चाहिए।
- जगदीश चंद्र कापड़ी, कपड़ा व्यापारी, पिथौरागढ़।