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तेंदुए पकड़ने को अन्य रेंजों से भी आईं टीमें

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जिला मुख्यालय और आसपास के गांवों में तेंदुए की धमक को देखते हुए वन विभाग ने अन्य रेंजों से भी टीमें बुला ली हैं। कुल 18 कर्मचारियों की टीम तेंदुओं की तलाश में लगी हैं। दो जगहों पर पिंजरे लगाए गए हैं। अलबत्ता अभी तेंदुए पिंजरों में फंसे नहीं हैं। पपदेव गांव के जंगल में तेंदुए के पद चिन्ह मिले हैं।
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मोस्टामानू मेला से लौटते समय तीन सितंबर की शाम को तेंदुए ने हमला कर पपदेव की महिला किरन को मौत के घाट उतार दिया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने की मांग उठाई। वन विभाग ने पपदेव में पिंजरा लगाया लेकिन तेंदुआ इसमें नहीं फंसा। पपदेव, पौण, बजेटी में रात में लगातार तेंदुए की आवाजाही बनी हुई है। पंडा और किरगांव में भी तेंदुआ की सक्रियता सामने आई। किरगांव में देखा गया तेंदुआ काफी बड़ा बताया जा रहा है। वन क्षेत्राधिकारी दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि पपदेव में तेंदुए की सक्रियता का पता लगाने के लिए रास्ता खोदकर भुरभुरी मिट्टी डाली गई। इसमें तेंदुए के पद चिन्ह मिले हैं।
पदचिन्हों से तेंदुए के युवा होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। तेंदुओं पर निगरानी रखने के लिए धारचूला, डीडीहाट और अस्कोट से भी टीमें बुलाई गई हैं। पांच वन दरोगा, दस वन रक्षक और तीन गार्ड (पूर्व सैनिक) उप वन क्षेत्राधिकारी देवेंद्र राय के नेतृत्व में नगर से लगे गांवों में लगातार गश्त कर रहे हैं। वन विभाग की टीम लोगों से अकेले जंगल में नहीं जाने और सावधान रहने का अनुरोध कर रही है।
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मूनाकोट में तेंदुए ने गाय मारी
तेंदुए ने मूनाकोट में एक गाय को अपना निवाला बना लिया। वन क्षेत्राधिकारी दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि गणेश चंद्र की गाय शनिवार की सुबह जंगल में चरने गई थी। सुबह 8.30 बजे तेंदुए ने उसे अपना शिकार बना लिया।
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