थल के गर्जिया गांव में पानुली देवी का जर्जर मकान
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गर्जिला गांव में 2007 में आई आपदा के बाद खतरे में घिरे 12 परिवारों का पुनर्वास सरकार अब तक नहीं कर पाई है। कई वर्षों तक पुनर्वास की आस में बैठे नौ परिवारों ने आखिरकार गांव छोड़ दिया। अब सिर्फ तीन परिवार गांव में रह गए हैं। इनमें से पानुली देवी का मकान गिरने की स्थिति में आ गया है। पानुली देवी को प्रशासन ने अंत्योदय कार्ड भी जारी नहीं किया। उनके पास शौचालय भी नहीं है।
पानुली देवी ने बताया कि वर्ष 2007 में गांव के पास भारी भूस्खलन हुआ था। इससे गांव के 12 परिवार खतरे की जद में आ गए। तब अधिकारियों और नेताओं ने गांव का दौरा करने के बाद कहा था कि सभी पीड़ित परिवारों का पुनर्वास किया जाएगा और उनको सुरक्षित स्थान पर बसाया जाएगा। कई वर्षों तक गांव के लोग सरकार पर भरोसा करते रहे। आखिरकार नौ संपन्न परिवारों ने गांव छोड़ दिया और तराई में जाकर बस गए। पानुली देवी ने बताया कि उनके पास अन्यत्र बसने के लिए पैसा नहीं है। पति पाना राम की चार साल पूर्व मृत्यु होने के बाद से पानुली देवी पर दुखों का पहाड़ ही टूट गया है। वह अपने 25 वर्षीय बेरोजगार बेटे नवीन कुमार के साथ रहती है। मकान इतनी जर्जर हालत में है कि वह किसी भी समय गिर सकता है। बारिश के दिन मकान की छत टपकती है। छत पर लगाए गए पत्थर खुद ही गिरने लगे हैं। मकान के एक हिस्से में दरार आ गई है और मकान एक तरफ को झुक गया है।
पानुली ने कहा कि इतनी गरीबी के बावजूद सरकार ने उसे अंत्योदय श्रेणी का राशन कार्ड जारी नहीं किया। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से पर्याप्त राशन नहीं मिलता। इस कारण बाजार से महंगा राशन खरीदकर लाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अब नई सरकार पर ही उनको भरोसा है।
पानुली अब नए विधायक के सामने लगाएगी गुहार
गर्जियां गांव की अनुसूचित जाति की गरीब महिला पानुली देवी ने कहा कि वह गंगोलीहाट से चुनी गई विधायक मीना गंगोला के सामने अपनी समस्या रखेंगी। उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते मीना गंगोला महिलाओं का दर्द समझेंगी और जरूर कोई मदद पहुंचाएंगी। सरकार बनने के बाद पानुली देवी ने तय किया है कि एक बार अपने क्षेत्र की विधायक से मुलाकात करेंगी।