जिले की दस तहसीलों और आठ विकासखंडों में आग की घटनाओं पर काबू करने के लिए सिर्फ एक फायर सर्विस कार्यरत है। जरूरत के हिसाब से यहां पर कम से कम दो और फायर सर्विस होनी चाहिए। धारचूला में फायर सर्विस खोलने का काम तो चल रहा है, लेकिन यह कब तक शुरू होगा कहा नहीं जा सकता।
फायर सर्विस के जवान काम के भारी दबाव में रहते हैं। उनको मुख्य काम के अलावा जागरूकता अभियान चलाना, दुर्घटना के समय मौके पर पहुंचना, वीआईपी ड्यूटी में शामिल होना, आपदा राहत में हाथ बंटाना, वनाग्नि नियंत्रण, रात्रि चेकिंग, मेलों में ड्यूटी जैसे काम करने होते हैं। विभागीय कामों में भी इन कर्मचारियों को व्यस्त रहना पड़ता है। फायर सर्विस की अहमियत लोगों को उसी समय महसूस होती है, जब कहीं पर आग की घटना घटती है, लेकिन फायर सर्विस के ढांचे को मजबूत करने के लिए अब तक किसी भी स्तर पर कोई कदम नहीं उठाया गया है।
जिले में प्रशासनिक ढांचे का तो लगातार विस्तार हो रहा है, लेकिन फायर सर्विस जैसे अहम ढांचे को मजबूत करने के लिए किसी भी स्तर पर प्रयास नहीं हुए। जिला मुख्यालय से अक्सर फायर सर्विस के जवानों को आग बुझाने के लिए 50 किलोमीटर दूर तक भी जाना पड़ता है।
फायर सर्विस में स्टाफ की स्थिति
पद का नाम स्वीकृत पद रिक्त पद
द्वितीय अग्निशमन अधिकारी 01 01
हेड कांस्टेबल 04 03
चालक 06 04
फायरमैन 26 05
फायर सर्विस में उपलब्ध संसाधन
वाहन बड़े-03
मिनी हाइप्रेशर-02
एंबुलेंस-02
पंपप्रेशर-02