मुनस्यारी के कालामुनि के पास सड़क से बर्फ हटाते जेसीबी।
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बर्फबारी के कारण थल-मुनस्यारी मार्ग 30 घंटे से अधिक समय से बंद रहा। मार्ग बंद होने की सूचना के बाद भी प्रशासन ने लोगों को आगे जाने दिया। इस वजह से 12 से अधिक यात्री फंस गए और इनको शनिवार की रात सुनसान इलाके में बगैर खाए-पिए काटनी। ये लोग बर्फ में करीब दस किलोमीटर पैदल चलकर मुनस्यारी पहुंचे। लोक निर्माण विभाग ने बर्फ हटाकर रविवार दोपहर बाद तीन बजे आवागमन शुरू कराया।
शनिवार को दिन भर हुई बर्फबारी से थल-मुनस्यारी मार्ग बंद हो गया था। लोक निर्माण विभाग ने कालामुनि की तरफ से सड़क खोलने के लिए जेसीबी लगाई। इसके सहारे यात्री वाहन मुनस्यारी की ओर रवाना हो गए। शनिवार शाम को कालामुनि के पास जेसीबी ने काम करना बंद कर दिया। इसके चलते यात्री वाहन फंस गए। यात्रियों ने बगैर खाए-पिए किसी तरह बेटुलीधार और कालामुनि के बीच रात काटी। सुबह होने पर यात्री किसी तरह दस किलोमीटर पैदल चलकर मुनस्यारी पहुंचे। यात्री भवान निखुर्पा, समीर दास, हरीश, देवा राणा आदि ने बताया कि बड़ी मुसीबत में सुनसान जगह पर रात गुजारनी पड़ी। रात भर गाड़ी के धुंए से पांवों को गरम करते रहे। मार्ग में फंसने वालों में मुनस्यारी में भूगोल की प्रयोगात्मक परीक्षा लेने आ रहे शिक्षक विमल कुमार भी थे।
एसडीएम केएन गोस्वामी ने शनिवार रात करीब आठ बजे लोक निर्माण विभाग को फंसे यात्रियों को निकालने के आदेश दिए गए थे। बावजूद इसके रविवार सुबह आठ बजे तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। उधर, लोक निर्माण विभाग का कहना है कि मार्ग बंद होने की सूचना शनिवार सुबह ही दे दी गई थी। इसके बावजूद यात्रियों को आगे जाने दिया गया।