जौलजीबी मेला 14 नवंबर से शुरू होगा। इस बार मेले के समय भारत और नेपाल को जोड़ने के लिए महाकाली में अस्थायी पुल के निर्माण की आवश्यकता नहीं होगी। जौलजीबी का झूलापुल 16 जून 2013 को बह गया था। तब से लगातार दो वर्षों तक महाकाली में अस्थायी पुल का निर्माण करना पड़ा था। इस बार नेपाल सरकार ने 80 लाख रुपये की लागत से महाकाली में 154 मीटर लंबा पुल तैयार कर लिया है।
बताया गया है कि झूलापुल के निर्माण का काम आठ महीने पहले शुरू किया गया था लेकिन बारिश के मौसम में चार महीने तक पुल के निर्माण का काम लगभग बंद रहा। नेपाल के इंजीनियरों ने मात्र चार महीने तक लगातार काम कर पुल खड़ा कर दिया है। इसमें सुरक्षा के लिए किनारे एंगल लगा दिए गए हैं। पुल की चौड़ाई 14 फीट रखी गई है। पुल को नदी की सतह से 60 फीट ऊपर बनाया गया है ताकि इसको नदी का जलस्तर बढ़ने पर किसी प्रकार का खतरा न हो। नेपाल के उकू, बांकू, सुनसेरा समेत आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के लोग खरीददारी के लिए जौलजीबी बाजार आते हैं। उनको पक्का झूलापुल बन जाने से आवागमन में आसानी होगी। इसके अलावा जौलजीबी मेले के समय भी इस बार नेपाल से आने वालों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।