नाचनी (पिथौरागढ़)। तेजम अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डीएम और सीएमओ तक मामला पहुंचने के बाद जांच के लिए पहुंचे बेड़ीनाग सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी को अस्पताल से फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, एएनएम सहित पांच स्वास्थ्य कर्मी फिर से गायब मिले। जांच में सामने आया कि ये सभी कर्मचारी एक सप्ताह से ड्यूटी से नदारत हैं, इनका कोई अता-पता नहीं है। अब इन कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन में पत्र भेजा जाएगा।
बीते सोमवार को एक गर्भवती प्रसव के लिए तेजम अस्पताल में पहुंची तो यहां न तो डॉक्टर मिले और न ही एएनएम और स्टाफ नर्स। यहां तैनात एकमात्र स्टाफ नर्स ने अकेला होने का हवाला देकर प्रसव कराने से हाथ पीछे खींचे तो परिजन 108 एंबुलेंस में गर्भवती को लेकर जिला मुख्यालय रवाना हुए। नाचनी के पास उसकी हालत बिगड़ी तो सड़क किनारे एंबुलेंस में उसका प्रसव कराना पड़ा। अमर उजाला ने इस मामले को प्रसव के लिए पहुंची गर्भवती, अस्पताल से डॉक्टर और स्टाफ नदारद... शीर्षक से प्रकाशित किया।
खबर का संज्ञान लेकर डीएम विनोद गोस्वामी ने जांच और लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई के आदेश दिए। इन आदेशों का स्वास्थ्य कर्मियों पर कोई असर नहीं हुआ। डीएम के आदेश पर बृहस्पतिवार को बेड़ीनाग सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सिद्धार्थ पाटनी के नेतृत्व में टीम जांच के लिए अस्पताल पहुंचीं तो फार्मासिस्ट, दो स्टाफ नर्स, एक एएनएम और एक स्वच्छक फिर से गायब मिले। सिर्फ डॉक्टर और एक स्टाफ नर्स ही यहां मौजूद मिलीं।
डॉ. पाटनी ने कहा कि पांचों स्वास्थ्य कर्मी एक सप्ताह से बगैर अवकाश के अनुपस्थित हैं। ये कहां हैं इसकी किसी को जानकारी नहीं है। बराबर वेतन लेने के बाद इन स्वास्थ्य कर्मियों का लंबे समय से गायब रहना और मरीजों और गर्भवतियों का स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना गंभीर मुद्दा है।
कोट
तेजम अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया। यहां फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, स्वच्छक, एएनएम सहित पांच स्वास्थ्य कर्मी एक सप्ताह से बगैर अवकाश के अनुपस्थित मिले। रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों और शासन में भेजी जाएगी। ऐसे लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सिद्धार्थ पाटनी, जांच अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी, बेड़ीनाग