राजकीय शिक्षक संघ ने बोर्ड परीक्षा ड्यूटी और मूल्यांकन का बहिष्कार करने का फैसला ले लिया है। यदि इस मामले में प्रांतीय नेतृत्व कोई कदम उठाता है तो जिला शाखा उसका पूरा समर्थन करेगी। बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के बहिष्कार के संबंध में सभी ब्लॉकों और विद्यालय शाखाओं से सहमति प्राप्त कर ली गई है। राजकीय शिक्षक हर बार बोर्ड परीक्षा से पहले सरकार पर दबाव बनाने के लिए इस तरह का फैसला लेते आए हैं।
संगठन की बैठक में कहा गया कि नियमित शिक्षकों के प्रमोशन और स्थानांतरण की नीति बनाई जाए, गेस्ट टीचर्स वाले पदों को रिक्त माना जाए और उन स्थानों पर प्रमोशन या नई नियुक्ति से पद भरे जाएं। कहा गया कि यदि सरकार इस मामले में तत्काल फैसला नहीं लेती तो मार्च में होने वाली बोर्ड परीक्षा के समय उसे दिक्कत उठानी पड़ सकती है। बैठक में संगठन के जिला मंत्री महेश प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि सरकार और विभाग हमेशा शिक्षकों को छलते जा रहे हैं। स्थानांतरण, बीमार शिक्षकों के प्रकरण, प्रमोशन, वेतनमान प्रकरण को हमेशा टाला जा रहा है। बैठक में जिलाध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह, संजय जोशी, मोहित बिष्ट, गौरव पंत, मनोज पांडे समेत कई सदस्य मौजूद थे।