राईआगर के पास सुकल्याड़ी में ट्रक से पास लेते समय एक बाइक ट्रक की चपेट में आ गई। हादसे में बाइक में सवार शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बाइक चला युवक घायल हो गया। पास लेते समय बाइक रपटने से दुर्घटना होने की बात सामने आ रही है।
मिली जानकारी के अनुसार जीआईसी पांखू में तैनात शिक्षक कंतोली (बलगड़ी-बेड़ीनाग) निवासी ललिता प्रसाद (35) पुत्र जय राम सोमवार की सुबह गौनियागाड़ स्थित अपने आवास से स्कूल जाने के लिए सड़क में आए। काफी देर इंतजार के बाद भी उन्हें कोई वाहन नहीं मिला। इसी दौरान चौकी गणाई निवासी नितिन बोरा (27) पुत्र राजेंद्र सिंह बोरा बाइक संख्या यूके 01 8399 से गंगोलीहाट को जा रहा था। शिक्षक ललिता प्रसाद ने नितिन से राईआगर तक लिफ्ट मांगी। बाइक में 14 किलोमीटर का सफर तय किया था कि धारीचौरा और सुकल्याड़ी बैंड के बीच सुबह करीब 6 बजे ट्रक संख्या यूके 04 सीए 5525 को ओवरटेक करते समय बाइक रपट गई। शिक्षक ललिता प्रसाद ट्रक के पिछले टायर की चपेट में आ गए। हाथ समेत उनके कंधे से लगा हिस्सा टायर से बुरी तरह कुचल गया। हाथ कटकर अलग हो गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
दुर्घटना के दौरान बाइक चला रहा नितिन ट्रक के विपरीत दिशा में छिटका, जिससे उसे कम चोट आई। उसका बेड़ीनाग के अस्पताल में उपचार किया गया। घायल नितिन चौपाता पोखरी (गंगोलीहाट) के हाईस्कूल में लैब तकनीशियन हैं। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। थानाध्यक्ष बलवंत कांबोज ने बताया कि हादसे में ट्रक चालक दीवान सिंह गैड़ा की किसी प्रकार की गलती न होने की बात सामने आई है। हादसा बाइक रपटने से हुआ है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में किसी की तरफ से मुकदमा पंजीकृत नहीं कराया है।
कुछ ही घंटे में बिखर गया परिवार
गणाईगंगोली। बाइक-ट्रक हादसे में मृतक शिक्षक ललिता प्रसाद की पत्नी चंद्रकला (35) प्राथमिक पाठशाला सेरा उर्फ बडोली (सेराघाट) में शिक्षिका हैं। दंपति पुत्री लक्षिता (5) के साथ यहां गौनियागाड़ में रहते थे। सोमवार की सुबह सब कुछ ठीकठाक था। पति, पत्नी ने स्कूल जाने की तैयारी के बीच पुत्री लक्षिता को भी स्कूल के लिए तैयार किया। ललिता प्रसाद पांखू जाने के लिए वाहन का इंतजार करने लगे। वाहन नहीं मिला तो बाइक से लिफ्ट ले ली। पत्नी भी स्कूल जाने के लिए वाहन में बैठ रहीं थीं कि हादसे की सूचना आ गई। पत्नी स्कूल जाने के स्थान पर अपने रिश्तेदार बीआर आर्या के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। मौके पर पति का शव पड़ा देख चंद्रकला बेसुध हो गई। बमुश्किल लोगों ने उसे संभाला। हादसे के बाद परिवारजन चंद्रकला और लक्षिता को कंतोली गांव ले गए। हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।
दो हेलमेट की अनिवार्यता का पालन नहीं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक चला रहे नितिन बोरा ने हेलमेट पहन रखा था। मृतक शिक्षक ललिता प्रसाद ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। हाईकोर्ट ने दुपहिया वाहनों में दोनों सवारियों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया है। इस नियम का यहां पालन नहीं होता है। हेलमेट होता तो क्या पता शिक्षक की जान बच जाती।