तवाघाट के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरे बोल्डर और जाोखिम उठाकर आवाजाही करते ग्रामीण। स्रोत : ब
धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा के साथ ही दारमा, व्यास और चौंदास घाटी को जोड़ने वाली सड़क पर तवाघाट के पास भारी भूस्खलन हुआ। ऐसे में पूरे दिन सड़क बंद रही। 30 से अधिक आदि कैलाश यात्री पूरे दिन फंसे रहे। वहीं तीनों घाटियों का भी शेष दुनिया से संपर्क कटा रहा। नजदीकी इलाकों के ग्रामीणों को भी जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही करनी पड़ी।
टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर तवाघाट के पास बृहस्पतिवार देर रात पहाड़ी दरक गई पहाड़ी से भारी मात्रा में बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप हो गई। दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह से हिलवेज कंपनी बोल्डरों को हटाने में जुटी लेकिन इसमें उसे पसीने छूटे। पूरे दिन काम के बाद भी बोल्डर नहीं हटाए जा सके। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार तो यात्रियों की भीड़ रही। देर रात तक भी सड़क पर आवाजाही शुरू नहीं हो सकी। कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि काफी संख्या में बोल्डर आने के कारण सड़क खोलने में दिक्कतें आ रही है।
बताया कि देर रात तक सड़क खुल सकती है। टूर आपरेटर सोमित नबियाल ने बताया कि आदि कैलाश की यात्रा कर धारचूला लौट रहे 30 से अधिक यात्री सड़क बंद होने से फंसे हैं। आदि कैलाश के साथ ही अन्य यात्री सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि हिलवेज कंपनी के साथ लगातार वार्ता चल रही। कंपनी को शीघ्र सड़क खोलने के निर्देश दिए गए हैं।