पिथौरागढ़/धारचूला। तवाघाट-गुंजी कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग दूसरे दिन भी यातायात के लिए नहीं खुल सका। इससे कैलाश मानसरोवर यात्रा का कार्यक्रम प्रभावित हो गया। चौथे दल के यात्रियों को पांगला से वापस धारचूला लाया गया जबकि परिक्रमा पूरी कर लौट रहे पहले दल के यात्रियों को बुदि स्थित केएमवीएन पर्यटक आवास गृह में रोका गया है। अब सड़क खुलने के बाद ही यात्रियों को आगे भेजा जाएगा।
शुक्रवार शाम चीन सीमा को जोड़ने वाले तवाघाट-गुंजी मार्ग पर गर्बाधार और तंपा मंदिर के बीच पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए थे। इसके बाद से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) लगातार मार्ग खोलने में जुटा है। शनिवार के बाद रविवार को भी दोनों ओर से जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का प्रयास किया गया लेकिन लगातार बारिश और घने कोहरे के कारण शाम को राहत कार्य रोकना पड़ा।
सड़क बंद रहने से कैलाश मानसरोवर यात्रा का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम प्रभावित हो गया है। सड़क खुलने की संभावना को देखते हुए कैलाश यात्रा के पहले दल के यात्री रविवार दोपहर 1:55 बजे गुंजी से धारचूला के लिए रवाना हुए थे लेकिन मार्ग बंद होने के कारण उन्हें बुदि में ही रोक दिया गया। वहीं चौथे दल के 50 यात्री दोपहर दो बजे धारचूला से गुंजी के लिए निकले थे लेकिन पांगला पहुंचने पर सड़क बंद मिलने से उन्हें वहीं रोकने के बाद वापस धारचूला भेज दिया गया।
मौके पर पांगला थाना के हेड कांस्टेबल सोबन सिंह बनग्याल स्थिति पर लगातार नजर बनाए रहे। बीआरओ के कमांडेंट कर्नल प्रशांत सिंह और तहसीलदार दमन शेखर राणा भी पूरे दिन राहत कार्य की निगरानी करते रहे। अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर सोमवार को सड़क खोलने का फिर प्रयास किया जाएगा।
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बारिश के चलते मलबा और बोल्डर आने से सड़क नहीं खुल सकी है। इसके चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा के चौथे दल के यात्रियों को वापस धारचूला लाया गया है। पहले दल के यात्रियों को बुदि आवास गृह में ही रोका गया है। -आशीष जोशी, एसडीएम, धारचूला