तवाघाट पुल के समीप पहाड़ी से चट्टानें दरकने से टनकपुर -तवाघाट एनएच सात घंटे बंद रहा। इसके चलते दारमा, चौदास और व्यास घाटी को जाने वाली दर्जनों वाहन फंसे रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही की।
इन दिनों सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात भारी चट्टानें टूटकर सड़क पर गिर गई। इसके चलते बृहस्पतिवार सुबह से ही यातायात ठप रहा। धारचूला से तवाघाट की ओर जा रहे वाहन और नीचे की ओर आ रहे वाहन रास्ते में फंस गए। कई ग्रामीणों ने चट्टानों के बीच से जान जोखिम में डालकर अवागमन किया। हिलवेज कंपनी के अधिकारियों ने मौके में जाकर जेसीबी मशीन की मदद से बोल्डर हटाने का काम शुरू किया। दोपहर लगभग तीन बजे सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
छिपलाकेदार टैक्सी यूनियन अध्यक्ष केशर सिंह धामी का कहना है कि निर्माण कर ही कंपनी हिलवेज की उदासीनता के चलते पहाड़ी पर कई चट्टानें लटक रही हैं जिनसे हादसों का डर बना हुआ है। उन्होंने सड़क निर्माण में भारी ब्लास्टिंग नहीं करने की मांग की है। उन्हाेंने जल्द सड़क खोलने की मांग की है ताकि लोगों को आवाजाही में सुविधा हो सके।