अस्कोट के लुखानी बैंड के पार एनएच पर हुआ भूस्खलन। संवाद
पिथौरागढ/अस्कोट/ धारचूला। सीमांत जिले में बुधवार की शाम झमाझम बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश से जिले की 25 सड़कें मलबा आने से बंद हैं। टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग अस्कोट बेड़ा के बीच लुखानी बैंड के पास मंगलवार देर रात पहाड़ी दरकने से बंद हो गया। बलुवाकोट के गागरा नामक जगह पर भूस्खलन के से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। सड़क बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अस्कोट के लुखानी बैंड पर सड़क बंद होने से धारचूला से दिल्ली, टनकपुर, हल्द्वानी, पिथौरागढ़ जाने वाले वाहन फंस गए। बीआरओ ने सड़क खोलने का काम शुरू कर दिया है। बारिश के चलते सड़क खोलने में दिक्कत हो रही है। अस्कोट-सैंथल सड़क भी भूस्खलन से बंद हो गई है। पूर्व प्रधान तारा सिंह बिष्ट ने बताया कि देर रात भारी बारिश से भूस्खलन हुआ है। लोनिवि के अवर अभियंता नीरज कुमार ने बताया कि मौसम खुलते ही मार्ग खोला जाएगा। उधर बलुवाकोट के गागरा नामक जगह पर मंगलवार रात बारिश के चलते भूस्खलन होने सड़क बंद हो गई। एसडीएम मंजीत सिंह के निर्देश पर बीआरओ 67 आरसीसी ग्रिफ के ओसी सौरभ कुमार, ओईसीसी राकेश शर्मा और जेई दीपक सिंह मौके पर पहुंचे। ओसी ने बताया कि सुबह सड़क खोल दी गई थी। दोपहर में अचानक फिर से मलबा आने से सड़क बंद हो गई। सड़क खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं।
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भूस्खलन से बासानी गांव खतरे की जद में
नाचनी। तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से तेजम तहसील के भैंसकोट क्षेत्र का बासानी गांव भूस्खलन की चपेट में आ गया है। भूस्खलन से चलारी तोक के छह मकान खतरे की जद में आ गए है। चामी भैंसकोट में भूस्खलन बढ़ता जा रहा है। बुधवार प्रातः सात बजे हरड़िया नाले के मलबे से रामगंगा का प्रवाह 15 मिनट तक रोक दिया। हरड़िया के नया बस्ती में सड़क 11 घंटे बंद रहकर आठ बजे खुली। सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र शाही ने बताया कि तेज बारिश से सिमगढ़ नदी का जल स्तर बढ़ गया। इससे धर्म सिंह, चंचल सिंह, पूरन सिंह, जोध सिंह, जगत सिंह, बलवंत के मकानों को खतरा हो गया है। उपजाऊ जमीन, बगीचा भी भूस्खलन की चपेट में आया है। बताया कि यदि बारिश नहीं थमी तो बासनी तोक के 12 जोशी परिवार भी खतरे में आ सकते हैं। बजेली, बासनी, खोली, खजरानी, गजुवा खेत की आबादी के आवाजाही के पैदल रास्ते बंद हो गए हैं । स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के लिए रास्ता नहीं है। लगातार हो रही बारिश से भयभीत लोग रात में जागते रहे। संवाद