थल (पिथौरागढ़)। पूर्व अपर महानिदेशक सेंट्रल सर्विसेज देहरादून त्रिभुवन सिंह पांगती ने जून में मुनस्यारी के जोहार में स्थित गांवों और सड़क की दशा का सर्वेक्षण कर सरकार को सुझाव भेजा है।
उन्होंने कहा है कि दरकोट से लिलम तक सड़क की स्थिति ठीक है, लेकिन पहले वाली सड़क जो क्वीरीजीमिया से प्रस्तावित थी वह क्षेत्र भूस्खलन वाला है। कहा है कि वहां भविष्य में सड़क को घुमाना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा है कि लिलम से रड़गाड़ी तक टनल की काफी संभावना है। कई स्थान पर रॉक स्लाइड है जिसका उपचार रॉक बोल्ट से ही संभव है। रड़गाड़ी से बोगडियार तक सड़क की भूगर्भीय दशा ठीक है। कहा है कि कई स्थानों पर भूस्खलन की संभावना है। ऐसी जगहों पर रिटेनिंग वॉल लगाई जा सकती है। पांगती ने कहा है कि मौजूदा सड़क की एलाइमेंट को लास्पा गांव की ओर ले जाने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने बोगडियार से रिलकोट तक की भूगर्भीय स्थिति बहुत अच्छी बताते हुए कहा है कि यदि एलाइमेंट को यहां सेलिया जाता है तो सड़क की दूरी कम होगी। साथ ही खतरनाक मोड़ों से भी बचा जा सकता था। रिलकोट से मर्तोली गांव की भूगर्भीय दशा को ठीक बताते हुए कहीं-कहीं पर रिटेनिंग वॉल के साथ सड़क पर उपयुक्त ड्रेनेज निर्माण की जरूरत बताई। उन्होंने मर्तोली, मिलम, टोला, लिलम, लासपा, रिलकोट की भूगर्भीय दशा बेहतर बताई है। मापा, गनघर, पांछु, बर्फू गांव सुरक्षित जगह पर हैं। बिल्जू गांव की भू तकनीकी स्थिति उतनी अच्छी नहीं होने से वहां बिल्जू गाड़ ने उसे बाई ओर से काटना शुरू कर दिया हैं जो गांव के लिए खतरा बना है। यहां नाले में फ्लड सुरक्षा वॉल लगाने की जरूरत बताई। कहा है कि भूस्खलन से बनी गली को ही निचले स्तर से चैनेलाइज्ड कर मंदिर को नुकसान होने से बचाया जा सकता है।