पिछले पांच महीनों से पेयजल संकट झेल रहे सुंई पऊ के लोगों ने मंगलवार को जल संस्थान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला, खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन किया। जल संस्थान कार्यालय में तालाबंदी कर अवर अभियंता समेत अन्य कर्मचारियों को बंधक बनाया। प्रदर्शन का नेतृत्व बीडीसी सदस्या विमला चतुर्वेदी, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद चतुर्वेदी तथा पूर्व जिला पंचायत सदस्य सचिन जोशी ने किया। जुलूस में सुंई पऊ की अधिकांश महिलाओं के अलावा कालाकोट के लोग भी शामिल थे।
ग्रामीणों ने करीब आधे घंटे तक अवर अभियंता और उनके स्टाफ को बंधक बनाया। एसडीएम परितोष वर्मा को सूचना मिलने पर तहसीलदार हरसिंह रजवार को दलबल के साथ मौके में भेजा। अवर अभियंता पवन बिष्ट ने कहा कि वोल्टेज नियंत्रित न होेने के कारण रात में पंप नहीं चलाया जा रहा है। 10 दिन के भीतर यहां स्टेबलाइजर की व्यवस्था कर रात में भी पंपिंग की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों की मांग के अनुसार पंप गृह में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरे स्थान में भेजने पर भी सहमति जताई। जुलूस में जगत गहतोड़ी, एलएम ओली, मोहन चनकन्याल, गौरीशंकर पंत, तुलसी ओली, जानकी सक्टा, राधिका देवी, रेशमा ओली, देवकी ओली, नवीन ओली, निर्मला, उमेश कालाकोटी, किरन कालाकोटी का कहना था कि यदि दस दिन के भीतर पेयजल समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे पुन: इसी प्रकार का आंदोलन करेंगे।