डीडीहाट तहसील के अंतर्गत चौबाटी के नजदीक मड़ गांव में स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर को पुरातत्व विभाग अब अपने हाथ में लेकर इसके संरक्षण की योजना बना रहा है। मंदिर के पूरब दिशा की ओर झुकने और इसको खतरा होने के बारे में अमर उजाला ने कई बार खबर प्रकाशित की थी।
मड़ का सूर्य मंदिर इस जिले का एकमात्र सूर्य मंदिर है। मंदिर को लगातार खतरा होने से गांव के लोग काफी चिंता में हैं। यह सूर्य मंदिर कत्यूरी काल में बना था, इसका वास्तु शिल्प भी कत्यूरी काल के मंदिरों की ही तरह है। पिछले कुछ समय से मंदिर पूरब दिशा की ओर झुकने लगा है। इसके संरक्षण के लिए गांव के लोगों ने मंदिर से सटाकर धर्मशाला का भी निर्माण किया, लेकिन मंदिर को खतरा कम नहीं हुआ है।
क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग अल्मोड़ा के प्रभारी डा. सीएस चौहान ने बताया कि सूर्य मंदिर को उनका विभाग अपने संरक्षण में ले रहा है। जल्द ही एक टीम मड़ गांव का दौरा करेगी और मंदिर के संरक्षण के लिए कदम उठाएगी। उन्होंने बताया कि मंदिर को सीधा करने के लिए जमीन के अंदर एंगल लगाए जाएंगे। मंदिर के मूल स्वरूप के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी।
पिथौरागढ़ जिले के दो मंदिरों का भी होगा संरक्षण
पुरातत्व विभाग ने पिथौरागढ़ जिले के कासनी गांव में स्थित विष्णु मंदिर और दिगांस गांव में स्थित महिषासुर मर्दिनी के मंदिर को भी संरक्षित करने का फैसला लिया है। पुरातत्व विभाग के प्रभारी डा. सीएस चौहान ने बताया कि पिथौरागढ़ नगर के गोरखा किले को भी संरक्षित सूची में रखा जा रहा है। इस किले के सुंदरीकरण का काम पर्यटन विभाग कर रहा है।