थल आईटीआई में इलेक्ट्रिकल ट्रेड की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। अनुदेशक के सात माह पहले चार्ज लेने के बाद से संस्थान में नहीं आने की बात सामने आई है।
तीन वर्ष पहले खोले गए आईटीआई में शुरुआत से ही इलेक्ट्रिकल ट्रेड के अनुदेशक की तैनाती नहीं की गई। मार्च 2018 में इस ट्रेड में अनुदेशक की तैनाती हुई, लेकिन वह तैनाती के बाद से संस्थान में पढ़ाने के लिए नहीं आए हैं। विद्यार्थियों ने सात महीने में अनुदेशक को देखा तक नहीं है। आईटीआई में वर्तमान में 9 छात्रों ने प्रवेश लिया है। अव्यवस्था के चलते संस्थान ने चार छात्रों को पिथौरागढ़ आईटीआई से संबद्ध किया है, जो एक साल से वहीं से पढ़ाई कर रहे हैं।
संस्थान के छात्र बुधवार को ही पिथौरागढ़ आईटीआई में परीक्षा देकर लौटे हैं। बृहस्पतिवार को कुछ छात्र संस्थान आए थे। गणित, कला और सिलाई विषय के अनुदेशकों ने उन्हें पढ़ाया। इलेक्ट्रिकल ट्रेड के अनुदेशक संस्थान में नहीं थे। छात्रों ने बताया कि उन लोगों ने बगैर थ्यौरी और प्रैक्टिकल किए परीक्षा दी है। अठखेत के प्रधान दीपक भैसोड़ा ने कहा कि इलेक्ट्रिकल ट्रेड आईटीआई थल का मुख्य विषय है। इस विषय के अनुदेशक का लंबे समय तक लापता रहना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
इलेक्ट्रिकल ट्रेड के अनुदेशक के पद पर मार्च में तैनाती हुई। अनुदेशक सात माह से संस्थान में नहीं आ रहे हैं। उनकी लगातार अनुपस्थिति लगाई जा रही है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
-केके पंत, प्रभारी प्रधानाचार्य, थल आईटीआई।