पिथौरागढ़ नगरपालिका सभागार में अलग विश्वविद्यालय की मांग को लेकर चर्चा करते लोग।
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सीमांत जनपद में अलग विश्वविद्यालय की मांग एक बार फिर मुखर हो गई है। रविवार को छात्र नेताओं और विभिन्न संगठनों के लोगों ने आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। आंदोलन को धारदार बनाने के लिए सभी महाविद्यालयों के साथ ही नगर, गांव और कस्बों से भी आम जनता को साथ लेकर सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया गया।
रविवार को नगर पालिका सभागार में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सीमांत में अलग विश्वविद्यालय खोलने की मांग दशकों पुरानी है। अभी तक इस मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। विश्वविद्यालय नहीं होने से सीमांत जिले की उच्च शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। अधिकांश छात्र-छात्रा अच्छी शिक्षा के लिए यहां से पलायन करने को मजबूर हैं। कहा कि अलग विश्वविद्यालय स्थापित करने को लेकर चल रहे इस संघर्ष को सफल बनाने के लिए अब जिले के सभी महाविद्यालयों की छात्र शक्ति के साथ ही गांवों और कस्बों के लोगों को भी साथ लेकर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
छात्र संघ अध्यक्ष राकेश जोशी ने कहा कि जिले के सभी छात्र संघों से संपर्क कर लिया गया है। शीघ्र ही पूरे जिले में एक साथ आंदोलन शुरू किया जाएगा। यदि इसके बाद भी उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन चंद्र भट्ट, मनोज कुमार जोशी, चंद्रशेखर कापड़ी, सुबोध बिष्ट, अजय बोरा, मुकुल भट्ट, सोन किशोर, तरुण, दीपक, मुकेश, शिवम आदि लोग मौजूद रहे।