पिथौरागढ़। आईटीआई धारचूला और मुनस्यारी में प्रवेश लेने से विद्यार्थियों ने दूरी बनाई है। नतीजतन सिर्फ 20 फीसदी सीटों पर ही प्रवेश हुए हैं जबकि 80 फीसदी सीट खाली रह गई हैं। सिर्फ विद्युतकार ट्रेड संचालित होने से दोनों संस्थानों में लगातार छात्रसंख्या घट रही है। लोग नए ट्रेड संचालित करने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
धारचूला और मुनस्यारी आईटीआई में सिर्फ विद्युतकार ट्रेड संचालित है। इनमें 20-20 सीटों के सापेक्ष चार-चार विद्यार्थियों ने दाखिला कराया है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और दोनों संस्थानों में 32 सीट खाली रह गई हैं।
संस्थान के मुताबिक, दोनों आईटीआई में एक ही ट्रेड संचालित होने से विद्यार्थी प्रवेश के लिए रुचि कम दिखा रहे हैं। अन्य ट्रेडों का तकनीकी ज्ञान लेने के लिए विद्यार्थी अन्य संस्थानों का रुख करने के लिए मजबूर हैं। क्षेत्र के लोग और विद्यार्थी लंबे समय से अन्य ट्रेड संचालित करने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए अन्य संस्थानों में पलायन करना मजबूरी है।
पिछले शिक्षा सत्र हुए थे अधिक प्रवेश
पिछले शिक्षा सत्र मुनस्यारी आईटीआई में विद्युतकार ट्रेड के 20 सीटों के सापेक्ष 19 विद्यार्थियों ने दाखिला कराया था। सिर्फ एक ही सीट खाली थी। वहीं धारचूला आईटीआई में 20 सीटों के सापेक्ष पांच विद्यार्थी तकनीकी ज्ञान लेने के लिए पहुंचे थे और 15 सीट रिक्त रह गई थीं।
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वर्तमान में दोनों ही संस्थान में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। निश्चित तौर पर इस बार कम विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। नए ट्रेड खुलने पर छात्रसंख्या बढ़ने की उम्मीद है।
-हरीश चंद, प्रधानाचार्य, आईटीआई धारचूला