पिथौरागढ़। सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज में तकनीकी शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों की पहली पसंद सरकारी नौकरी है। अधिकतर विद्यार्थी सरकारी नौकरी और उच्च शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए निजी संस्थानों में प्लेसमेंट पाने से हाथ पीछे खींच रहे हैं। कॉलेज से मिले आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 37.5 प्रतिशत विद्यार्थी ही प्लेसमेंट के लिए उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय देहरादून में साक्षात्कार के लिए गए।
सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज में 350 विद्यार्थी बीटेक, बीसीए की डिग्री हासिल कर रहे हैं। कॉलेज से मिली जानकारी के मुताबिक बीते दिनों तकनीकी शिक्षा ले रहे अंतिम वर्ष के 150 विद्यार्थियों को निजी संस्थानों में बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय देहरादून बुलाया गया जहां उनका साक्षात्कार हुआ। बीसीए अंतिम वर्ष के 48 विद्यार्थियों के सापेक्ष सिर्फ 18 जबकि बीटेक के 102 विद्यार्थियों के सापेक्ष सिर्फ दो विद्यार्थी प्लेसमेंट पाने के लिए साक्षात्कार में पहुंचे।
पिछले तीन सालों में 180 ने ही लिया प्लेसमेंट
सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज में वर्ष 2023 से वर्ष 2025 के बीच करीब 1050 विद्यार्थियों ने बीटेक, बीसीए की डिग्री हासिल की। अंतिम वर्ष में इन विद्यार्थियों को प्लेसमेंट दिलाने की पहल हुई। 180 विद्यार्थियों ने ही प्लेसमेंट लिया और अन्य ने साक्षात्कार में शामिल होने से हाथ पीछे खींच लिए।
कोट
उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ संस्थान का केंद्रीकरण किया गया है। विश्वविद्यालय के माध्यम से ही विद्यार्थियों को निजी कंपनियों में प्लेसमेंट दिया जाता है। वर्तमान में विद्यार्थी प्लेसमेंट पाने के लिए कम रुचि दिखा रहे हैं। - प्रो. अजीत सिंह, निदेशक, सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज, पिथौरागढ़