गंगोलीहाट में साइंस आउटरीच प्रोग्राम में जानकारी देते वैज्ञानिक
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सीएनआर राव एजुकेशन फाउंडेशन बंगलूरू और उत्तराखंड साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर देहरादून के सहयोग से संचालित तीन दिनी साइंस आउटरीच कार्यक्रम का रविवार को समापन हो गया है। जवाहर लाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस साइंटिफिक रिसर्च सेंटर बंगलूरू के प्रेसीडेंट प्रोफेसर वी नागराज ने मानव शरीर में पाए जाने वाले सूक्ष्म जीवों के बारे में बताया। उन्होंने सूक्ष्म जीवों के संसार को बड़े रुचिकर ढंग से समझाया कि किस प्रकार से मानव शरीर में विभिन्न अंगों में पाए जाने वाले सूक्ष्म जीव का अपना-अपना कार्य होता है।
प्रो. उमेश वाघमरे ने पर्यावरण और ऊर्जा के लिए विज्ञान एवं तकनीकी के प्रयोग पर जानकारी दी। साथ ही सोलर और पवन ऊर्जा को अधिक से अधिक अपनाने पर बल दिया। प्रो. उदय कुमार रंगा ने द मैजिक ऑफ सिक्वेंस डुप्लीकेशन इन एचआईवी विषय पर व्याख्यान देते हुए जीवों के डीएनए, जीन आदि के आनुवांषिक प्रवाह एवं सूक्ष्म जीवों के आनुवांषिक लक्षणों, एचआईवी से संबंधित जीनों के क्रम को समझाया।
डॉ. गोविंद राजू ने डीएनए जीन की जीवों में उपस्थिति, कार्य सिद्धांत की जानकारी दी। उन्होंने वर्तमान में इस क्षेत्र में हो रहे शोध के बारे में बताया। पद्मभूषण प्रोफेसर केएस वल्दिया ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में वर्षा का चक्र बदल गया है, इसका मुख्य कारण वातावरण में कार्बन की अधिकता है। जिस कारण कहीं अतिवृष्टि हो रही है और कहीं बारिश ही नहीं हो रही है। जगदंबा हार्टकेयर सेंटर हल्द्वानी के डॉ. प्रकाश पंत ने हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी।
कार्यक्रम में यूसर्क के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने यूसर्क की ओर से किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया। समापन पर हिमालयन ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट ने सीएनआर राव एजुकेशन फाउंडेशन, उत्तराखंड साइंस एजुकेशन एवं अनुसंधान संस्थान, सभी संस्थानों से आए वैज्ञानिकों का आभार जताया।