राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रों ने शिक्षा के बाजारीकरण के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन कर यूजीसी तथा केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति इरानी का पुतला फूंका। इस मुद्दे पर दिल्ली में चल रहे आंदोलन का समर्थन किया गया। छात्रों ने मांग की कि नॉन नेट फेलोशिप को बहाल किया जाए और उसकी राशि को बढ़ाया जाए। छात्रों ने आशंका जताई कि सरकार उच्च शिक्षा को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है।
कहा गया कि सरकार शिक्षा के बजट में कटौती कर रही है और शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। इससे छात्रों का भविष्य अंधकार में पड़ जाएगा। आने वाले समय में शिक्षा से गरीब वंचित हो जाएंगे। कहा गया कि सरकार की नीतियों का विरोध किया जाना जरूरी है। वरना भविष्य में शिक्षा की राह एक खास वर्ग के लिए खुली रह जाएगी। इस मौके पर रोहित बिष्ट, अभिषेक पुनेठा, हेमंत खाती ने विचार रखे। प्रदर्शन में दीपक पांडे, आयुष जोशी, देवेश पांडे, विनय भट्ट, महेंद्र सिंह रावत, नरेंद्र चौहान, सुरेश धामी, ख्याली जोशी, सोमेश खर्कवाल, नवराज भैंसोड़ा, विपिन कार्की, अमित रावत, संदीप डसीला, अभिषेक खाती, संजय राठौर, कृष्णा वर्मा समेत अन्य छात्र मौजूद थे।