पिथौरागढ़ कालेज में प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
एलएसएम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीएससी तृतीय सेमेस्टर में 77 फीसदी विद्यार्थी प्रयोगात्मक परीक्षा में फेल हो गए हैं। परीक्षा परिणाम आने के बाद विद्यार्थियों को जानकारी मिली कि उन्हें प्रयोगात्मक परीक्षा में 75 में से मात्र तीन या चार अंक दिए गए हैं। इस बार 750 विद्यार्थियों ने बीएससी तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा दी थी। आक्रोशित विद्यार्थियों ने प्राचार्य का घेराव किया। आरोप लगाया कि आंतरिक और बाह्य परीक्षकों ने जानबूझकर कम अंक दिए हैं। इस स्थिति से विद्यार्थी परेशान हैं।
बीएससी तृतीय सेमेस्टर के अंकपत्र बुधवार को ही विद्यार्थियों को मिले। जैसे ही अंकपत्र हाथ में आए तो सभी विद्यार्थी हैरान रह गए। ज्यादातर विद्यार्थियों के प्रयोगात्मक परीक्षा में पांच से ज्यादा अंक नहीं हैं, जबकि हर विद्यार्थी प्रयोगात्मक परीक्षा में अच्छे अंक आने की उम्मीद में था। इसके बाद उन्होंने छात्रसंघ के पूर्व उपसचिव सूरज गिरी और जगदीश धामी के नेतृत्व में प्राचार्य का घेराव किया और प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि जबसे केंद्रीय मूल्यांकन की व्यवस्था लागू हुई है, तब से छात्रों के साथ अन्याय होने लगा है।
प्राचार्य डा. डीएस पांगती ने कहा कि प्रयोगात्मक परीक्षा में हर विद्यार्थी को कम अंक मिले हैं। इस संबंध में बुधवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग को पत्र भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें संशोधन की मांग की गई है। कॉलेज प्रशासन भी इस तरह की स्थिति सामने आने से खासा परेशान है।