पिथौरागढ़। कुमाऊं विवि को विभाजित कर सोबन सिंह जीना विवि बनाने के विधेयक को राजभवन से मिली मंजूरी के बाद सीमांत के छात्र-छात्राओं में आक्रोश है। नाराज छात्र-छात्राओं ने इसका विरोध करते हुए सरकार और उच्च शिक्षामंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा सीमांत की दशकों पुरानी मांग को दरकिनार किया गया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शुक्रवार को आक्रोशित छात्र-छात्राएं कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। उन्होंने सरकार और उच्च शिक्षामंत्री के खिलाफ जनमकर नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले कई दशकों से सीमांत जनपद में पृथक विवि बनाने की मांग की जा रही है। इसके बाद भी सीमांत की अनदेखी कर अल्मोड़ा को पृथक विवि बना दिया गया है।
कहा कि सीमांत के महाविद्यालय संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। वर्तमान में यहां पर सात हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। कैंपस बनने के बाद यहां पर सीटें सीमित हो जाएंगी। इसके बाद सीमांत के गरीब और निर्धन छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से वंचित रहना पढ़ेगा। उन्होंने पिथौरागढ़ महाविद्यालय को विवि बनाने की मांग की है। वहां मुकेश, नूतन, चेतना, भावना, शिवम, नितिन, आशीष, सोनल, मोहित, सूरज, दीपक, पीयूष आदि थे।
कैंपस का श्रेय लेने पर महर ने भाजपा को लिया आड़े हाथ
पिथौरागढ़। एलएसएम पीजी कालेज पिथौरागढ़ को कैंपस का दर्जा मिलने का श्रेय भाजपा के लेने पर पूर्व कांग्रेस विधायक मयूख महर ने भाजपा को आड़े हाथों लिया है। प्रेस को जारी बयान में महर ने कहा है कि पीजी कालेज पिथौरागढ़ को कैंपस का बनाने की स्वीकृति उनके कार्यकाल में वर्ष 2014 में मिल गई थी।
कहा कि 10 फरवरी 2014 को उन्होंने पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस बनाने के लिए शासन को पत्र लिखा था। उनके भेजे पत्र का संज्ञान लेते हुए शासन ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति से आख्या मांगी थी। कुलपति की ओर से पिथौरागढ़ महाविद्यालय के प्राचार्य से वांछित आख्या, प्रस्ताव आधारभूत संरचना का विवरण और शिक्षकों कर्मचारियों का विवरण शासन को उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया था लेकिन तत्कालीन प्राचार्य ने वांछित सूचना उपलब्ध नहीं कराई।
आज जब वर्ष 2014 में स्वीकृत कैंपस कालेज का वही शासनादेश जारी हुआ तो भाजपा श्रेय लेने में स्वयं अपना स्वागत और अभिनंदन कराकर पिथौरागढ़ की जनता को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है। पूर्व विधायक का कहना है कि यदि वर्तमान सरकार शिक्षा के प्रति गंभीर है और पिथौरागढ़ के लोगों की हितैषी है तो पिथौरागढ़ में विश्वविद्यालय खोलकर एक नई पहल करे। ब्यूरो