पिथौरागढ़। रोजगार उपलब्ध कराने सहित तमाम दावों के बीच सीमांत जिले के छात्र तकनीकी शिक्षा लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में संचालित पिथौरागढ़, जाख पुरान, राईआगर, बनकोट और पांखू आईटीआई में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 133 सीट रिक्त रह गईं हैं। संस्थान विद्यार्थियों को खोजते रहे लेकिन निराश होना पड़ा।
इन संस्थानों में 300 सीट निर्धारित हैं। इस वर्ष सिर्फ 167 सीटों में ही विद्यार्थियों ने अपना दाखिला कराया है। अब भी 133 सीटें खाली हैं। पिथौरागढ़ आईटीआई में फिटर, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक, मोहर मैकेनिक, ड्राफ्समैन, आरएसी, वेल्डर, आशुलिपिक, सिलाई ट्रेड में 220 सीट निर्धारित हैं। इसके सापेक्ष 133 विद्यार्थियों ने दाखिला कराया और 87 सीट खाली रह गईं हैं। जाख पुरान में फिटर ट्रेड में 20 सीटों के सापेक्ष सात प्रवेश हुए हैं। 13 सीट रिक्त हैं। राईआगर में इलेक्ट्रिकल ट्रेड में 20 के सापेक्ष 16 सीटों में प्रवेश हुए हैं और चार सीट खाली हैं।
बनकोट में फिटर ट्रेड में 20 के सापेक्ष 17 सीट रिक्त हैं। वहां सिर्फ तीन विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। पांखू में फिटर ट्रेड में 20 सीटों के सापेक्ष 8 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया जबकि 12 सीट अब भी खाली हैं। आईटीआई के प्रति छात्रों की घटती रुचि से संस्थान प्रबंधनों में चिंता है। वहीं इन संस्थानों में रिक्त सीट युवाओं को तकनीकी शिक्षा देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के दावों पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।
बगैर परीक्षा के सीधे प्रवेश फिर भी नहीं मिले विद्यार्थी
पिथौरागढ़। आईटीआई में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिक्त सीटों को भरने की पूरी जोर-आजमाइश की गई। संस्थानों ने बगैर परीक्षा के सीधे प्रवेश देने की योजना बनाई। यह योजना भी काम नहीं आई। सीधे प्रवेश देने के बाद भी विद्यार्थियों ने हाथ पीछे खींचे और संस्थानों को निराश होना पड़ा। संवाद
कोट- पिथौरागढ़ सहित जाख पुरान, राईआगर, पांखू, बनकोट आईटीआई में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। रिक्त सीटों को भरने के लिए सीधे प्रवेश भी दिए गए। निश्चित तौर पर विद्यार्थियों में आईटीआई के प्रति रुचि घट रही है।
दर्शन सती, प्रधानाचार्य, आईटीआई, पिथौरागढ़