भूस्खलन प्रभावित खोतिला गांव में पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है। जल संस्थान ने गांव से करीब 800 मीटर की दूरी तक टैंकर पहुंचा रखा है। वहां से पाइप के जरिए पानी को गांव तक पहुंचाया जा रहा है।
दूसरी तरफ जल संस्थान ने खोतिला के लिए घटधार से नई पेयजल लाइन के निर्माण का काम शुरू कर दिया है। चार किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन को बनाने में अभी कुछ समय लग सकता है। खोतिला में बुधवार को भूस्खलन जारी रहा। लगातार मलबा और पत्थर महाकाली में गिरते जा रहे हैं। अधिकारियों ने भूस्खलन प्रभावित खोतिला गांव का दौरा तो किया लेकिन भूकटाव रोकने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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इस बीच जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल युनूस ने बताया कि जब तक खोतिला के लिए पेयजल लाइन का निर्माण नहीं हो जाता कब तक टैंकर से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। गांव तक अभी सड़क नहीं है। इस कारण टैंकर को काफी दूरी पर खड़ा करना पड़ रहा है। लोनिवि ने टीवी टॉवर के पास से पैदल रास्ते का निर्माण शुरू किया है।
चार किलोमीटर लंबे पैदल रास्ते को बनाने में कम से कम 15 दिन लग सकते हैं। तहसीलदार आईबी मल्ल ने बताया कि भूस्खलन रुकने के बाद ही सुरक्षा के कदम उठाए जाएंगे। गांव के लोगों का कहना है कि जब बिना बारिश के ही इतना ज्यादा भूकटाव हो सकता है तो बारिश में स्थिति भयानक हो सकती है। क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय गर्ब्याल, कृष्ण सिंह नपलच्याल ने कहा है कि गांव का भूगर्भीय सर्वे किया जाना बेहद जरूरी है। उसके बाद ही सुरक्षा के कदम उठाए जाएं। यह पता लगाना जरूरी है कि आखिर जमीन क्यों फट रही है।