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2006 में पॉच लीटर दूध से की थी डेयरी की शुरूआत, अभी रोजना बेच रहे हैं 400लीटर दूध

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रेनुका सौन। - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। तिलढुकरी घुपौड़ में 2006 में पांच लीटर दूध के साथ डेयरी की शुरुआत करने वाले चौमू बाबा समूह की महिलाएं आज की तारीख में रोजाना 400 लीटर दूध बेच रही हैं। ये महिला स्वयं सहायता समूह जैविक सब्जी, पहाड़ी दाल और मसाले भी बेच रही हैं। समूह को हर महीने सवा लाख से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक की बिक्री हो रही है। मुनाफा 22 हजार से 25 हजार रुपये तक हो रहा है।
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डेयरी में रियांसी, चौपक्या, मूनाकोट, कुंडार सहित कई अन्य गांवों की महिलाओं से दूध मंगाकर गांव वालों को शुद्ध और अच्छी गुणवत्ता का दूध उपलब्ध करा रहे हैं। घुपौड़ डेयरी में महिलाएं पनीर, मक्खन, दही आदि उत्पादों को बनाकर लोगों को सस्ते दामों में उपलब्ध करा रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूह में घुपौड़ में डेयरी का संचालन कर रहीं महिला उद्यमी रेनुका सौन, दीपा सौन, बीना सौन, अंजू सौन, गुड्डी सौन, विमला सौन, भागीरथी सौन कार्य कर रही है।
ये समूह 2018 में फेडरेशन से जुड़ा इसके बाद इन महिलाओं को आईएलएसपी योजना के तहत कैन सहित अन्य सामान उपलब्ध कराया गया। अभी महिलाओं का समूह प्रतिदिन डेढ़ लाख रुपये की आय करता है, जिसमें उन्हें 20 से 22 हजार रुपये की शुद्ध आय हो जाती है। इन महिलाओं ने आत्म निर्भर भारत बनाने की ओर एक कदम उठाया है। रेनुका सौन ने बताया कि उनके पति मनोज सौन भी इस काम में समूह को पूरी मदद करते हैं। महिलाओं के प्रयासों की लोगों ने सराहना की है।
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