पिथौरागढ़ की रामलीला में नारद मोह के मंचन का दृश्य
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जिला मुख्यालय सदर, टकाना के साथ ही थल में भी रामलीला शुरू हो गई है। पहले दिन रामजन्म तक की लीला का मंचन हुआ। जिला मुख्यालय की रामलीला सदर, टकाना, थल की रामलीला में नटी और सूत्रधार रामलीला मंचन की भूमिका सामने रखते हुए गाते हैं-सीता पति रामचंद्र, श्री पति रघुराई।
इसके पश्चात राजा दशरथ संतान न होने का दुख महर्षि वशिष्ठ के सामने प्रकट करते हैं। महर्षि वशिष्ठ की सलाह पर पुत्रेष्टि यज्ञ किया जाता है। राजा दशरथ को भगवान राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के रूप में चार पुत्र प्राप्त होते हैं। रावण, कुंभकरण, विभीषण की तपस्या और वरदान प्राप्त करने का भी मंचन हुआ।
थल में रामलीला का शुभारंभ वरिष्ठ व्यापारी राम सिंह जंगपांगी ने किया। विशिष्ट अतिथि दान सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, सलीम, अहमद, थानाध्यक्ष केसी आर्या, भूपाल सत्याल थे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अध्यक्ष देवराज सत्याल, व्यवस्थापक दिनेश पाठक, उपाध्यक्ष मनोज गोस्वामी, महामंत्री पूरन जंगपांगी, सचिव सुनील सत्याल, कोषाध्यक्ष अर्जुन रावत, वक्ता मैनेजर कृष्ण गोपाल पंत, विक्रम कठायत ने अतिथियों का स्वागत किया। राजपूत एलीमैंट्री पब्लिक स्कूल के बच्चों ने गणेश स्तुति और रासलीला का मंचन किया।