पिथौरागढ़ नगर को स्मार्ट सिटी बनाने की कोशिश में एक बड़ी समस्या सड़कों और रास्तों में किए गए अतिक्रमण से आ सकती है। स्मार्ट सिटी की सड़कें खुली और चौड़ी होनी चाहिए। आम लोग इसमें बिना किसी बाधा के घूम फिर सकें लेकिन यहां तो लंबे समय से एक परंपरा से बन गई है कि दुकान का ज्यादातर सामान सामने वाली सड़क पर फैला दिया जाए।
सड़कों के किनारे बैठकर सामान बेचने वालों की संख्या कम होने के बजाए बढ़ती जा रही है। गांधी चौक से ऐसे लोगों को हटाने के लिए हर साल अभियान चलता है लेकिन बाद में लोग उसी ढर्रे पर आ जाते हैं। पालिका और प्रशासन मजबूर दिखती है। वह चालान काटती है। थोड़ा सा जुर्माना वसूलती है।
बाद में लोग जैसे थे की स्थिति में आ जाते हैं। यह बात सही है कि मसला लोगों की रोजीरोटी से जुड़ा हुआ है लेकिन प्रशासन अब तक इन लोगों के लिए स्थान का चयन तक नहीं कर पाया है। जब कभी सड़क पर सामान लगाने वालों को हटाया जाता है तो कुछ लोग उनके पक्ष में खड़े हो जाते हैं।
फिर एक दो दिन में सारी स्थितियां पहले की तरह लौट आती है। स्मार्ट सिटी बनने पर प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि सड़क पर बैठकर सामान बेचने वालों को कहां शिफ्ट किया जाए और हमेशा अपनी दुकान का सामान सड़क पर फैलाए रखने वालों के खिलाफ क्या कदम उठाया जाए। बाहर से बेहद सुंदर लगने वाले इस नगर में यही समस्या सबसे बड़ी है और इसका निदान भी कुछ नहीं है।
शहर को सुंदर बनाने की जिम्मेदारी सभी की
नगर निवासी किरन कुमार जोशी का कहना है कि शहर को सुंदर बनाने की जिम्मेदारी सभी की है। सब कुछ प्रशासन ही करेगा इस भरोसे पर नहीं रहना चाहिए। यदि लोगों में नागरिक चेतना का विकास हो जाए तो यह समस्या कभी पैदा नहीं हो सकती। किसी दूसरे के लिए असुविधा पैदा कर अपना काम निकालने की प्रवृत्ति नहीं होनी चाहिए।
नगर निवासी सरोज चंद कहती हैं कि सड़क पर बैठकर सामान बेचने वालों की अपनी मजबूरी है। प्रशासन को चाहिए कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले। साथ ही इन लोगों को रोजगार चलाने के लिए जगह दे। कोई भी मजबूरी में ही सड़क पर सामान लगाता है। यदि उसे सही जगह मिल जाए तो वह कभी ऐसा नहीं करेगा।
प्रशासन को थोड़ा सख्ती दिखानी चाहिए
छात्रा ज्योत्सना कोहली कहती हैं कि प्रशासन को थोड़ा सख्ती दिखानी चाहिए। एक बार कार्रवाई करने पर भी कोई असर न होना कहीं न कहीं प्रशासन की हीलाहवाली भी सामने आ रही है। बार बार जब एक ही प्रक्रिया को रिपीट किया जाएगा तो वह लोगों की आदत में शामिल हो जाता है। प्रशासन समाधान के लिए ठोस कदम उठाए।
गरीबों के लिए व्यवस्था होनी चाहिए
व्यवसायी नीरजानंद कहते हैं कि गरीबों के लिए व्यवसाय चलाने की व्यवस्था होनी चाहिए। स्मार्ट सिटी बनने पर किसी गरीब पर गाज गिरे यह अच्छी बात नहीं है। हर समस्या के हल निकल आते हैं। बस थोड़ा इच्छाशक्ति की जरूरत होती है। लोगों को भी ऐसे मामलों में सहयोग का नजरिया रखना चाहिए।