सुकौली बौद्ध गोंपा में बुद्ध पूर्णिमा पर प्रार्थना करते लोग
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सुकौली के बौद्ध गोंपा में बुधवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर विशेष पूजा हुई। पूरे दिन गोंपा में ओम मने पद्मे होम के मंत्र गूंजते रहे। खंपा समुदाय के लोग बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल हुए। सुकौली के बौद्ध गोंपा की स्थापना करीब 20 साल पहले की गई थी। समय-समय पर यहां पर पूजा अनुष्ठान होते रहते हैं। बुद्ध पूर्णिमा पर विशेष पूजा होती है।
बौद्ध गुरु रिंगझिंग ने कहा कि भगवान बुद्ध ने मानवता को अहिंसा का रास्ता दिखाया था। आज दुनिया में कई देशों में बौद्ध धर्म के अनुयायी रहते हैं। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म में समानता और सहिष्णुता का भाव छिपा है। यह धर्म दुनिया को मानवता की राह दिखाता है। बौद्ध भिक्षु कुंजम ने भी बौद्ध धर्म के बारे में जानकारी दी। बाद में इन दोनों ने लोगों को पूजा कराई। पूरे दिन भगवान बुद्ध के संदेशों को पढ़ा गया।
दिनेश खंपा, पान सिंह खंपा, एमएल वर्मा समेत अन्य लोगों ने व्यवस्था बनाने में सहयोग दिया। अन्य धर्मों को मानने वाले भी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे थे। लोगों ने बौद्ध मठ की परिक्रमा की। बाद में भंडारे का भी आयोजन किया गया। धारचूला तहसील की दारमा घाटी में खिमलिंग और बिदांग गांव में बौद्ध धर्म मानने वाले परिवार रहते थे। अब इन दोनों गांवों से सभी परिवार पलायन कर गए हैं। इनमें से कुछ परिवार पिथौरागढ़ में भी रहते हैं।