पिथौरागढ़। स्पेयर पार्ट्स और टायरों की कमी से लंबे समय से जूझ रहे पिथौरागढ़ डिपो को आखिरकार निदेशालय से पर्याप्त आपूर्ति कर दी गई है। इसके बावजूद तकनीकी कार्मिकों की कमी के कारण डिपो खराब बसों को समय पर संचालित नहीं कर पा रहा है। वर्तमान में डिपो में 6 बसें खड़ी हैं।
गौरतलब है कि डिपो में बसों की कमी पहले से बनी हुई है। डिपो करीब 11 पुरानी बसों के सहारे विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन कर रहा है, लेकिन बसें आए दिन रास्ते में जवाब दे रही थीं। उस पर भी लंबे समय से टायर और स्पेयर पार्ट्स डिपो को उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे, जिससे कि खराब हुई बसों को सड़क पर चलने लायक बनाया जा सके। बहरहाल अब मार्च माह को देखते हुए पिथौरागढ़ डिपो को स्पेयर पार्ट्स टायरों की आपूर्ति कर दी गई है, परंतु इनकी आपूर्ति के बाद भी खराब बसें समय पर ठीक कर संचालित नहीं हो पा रही हैं। इसकी मुख्य वजह तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी है। जानकारी के अनुसार डिपो में तकनीकी कर्मचारियों की लगभग 70 प्रतिशत कमी है। इनमें मैकेनिक, फिटर से लेकर पेंटर, बॉडी मेकर, वेल्डर, कारपेंटर और जूनियर फोरमैन आदि के पद बड़े पैमाने पर खाली हैं। इनके अभाव में खटारा होती जा रही बसों को जल्द दुरुस्त करना एक चुनौती बना हुआ है। इसका नुकसान आम यात्रियों को उठाना पड़ रहा है।
कोट-
स्पेयर पार्ट और टायरों की फिलहाल कमी नहीं है। उपलब्ध मानव संसाधन के आधार पर विभिन्न मार्गों पर बसों का नियमित संचालन किया जा रहा है। - रवि शेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो