जाखपंत सड़क में ओखलपट्टा-खांकर के बीच सड़क में बिछाई जा रही मिट्टी
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ग्रामीण हिस्सों को जोड़ने वाली सड़कों को देखने वाला कोई नहीं है। मूनाकोट से जाखपंत वाली सड़क के ओखलपट्टा से खांकर की ओर चल रहे डामरीकरण में पहले पत्थर की गिट्टी से सोलिंग होनी चाहिए थी, लेकिन यहां मिट्टी से सोलिंग कर डामरीकरण करने की तैयारी चल रही है।
ओखलपट्टा से खांकर तक चार किमी हिस्से पर डामरीकरण होना है, लेकिन यह काम शुरुआत में ही विवादों में घिर गया है। सड़क पर मिट्टी बिछाकर सोलिंग का काम किया जा रहा है। पत्थर की जगह पास के पहाड़ को काटकर मिट्टी बिछाने का काम किया जा रहा है। मानकों के हिसाब से सड़क पर पहले कॉजवे, रिटर्निंग वॉल, नालियां बनाने के साथ ही मोड़ों पर पहाड़ कटिंग होनी चाहिए, लेकिन ऐसा किए बगैर ही सोलिंग का काम किया गया है। चार साल पहले यह सड़क कट कर तैयार हो गई थी। जाखपंत सड़क पर ओखलपट्टा से खांकर और मूनाकोट से सिरकुच तक आठ करोड़ के बजट में हाटॅमिक्स का काम होना है।
गाजियाबाद की एनकेजी कंपनी काम कर रही है। कंपनी के साइट इंचार्ज प्रदीप से सड़क के बारे में पूछने पर उन्होंने जवाब देने से मना कर दिया। सड़क के सात मीटर हिस्से पर हॉटमिक्स का काम होना है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन जोशी ने बताया कि नई सड़क पर पत्थर बिछाने के बाद ही डामरीकरण किया जाता है। पत्थर की जगह मिट्टी बिछाई जा रही है तो इसकी जांच की जाएगी।