सोबला-ढाकर सड़क के घटखोला में गिरे बोल्डर और मलबा। स्रोत: जागरूक पाठक
धारचूला (पिथौरागढ़) । सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सोबला-ढाकर सड़क पिछले तीन-चार साल से मानसून काल में बार-बार बंद होने से दारमा घाटी के 16 गांवों के लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
दो दिन पूर्व भारी बारिश के कारण घटखोला में बड़े-बड़े बोल्डर, मलबा और पेड़ आने से सड़क बंद है। बीआरओ के कर्मचारियों ने शनिवार को सड़क खोलने की कोशिश की लेकिन बड़े बोल्डर होने के चलते सड़क नहीं खोल पाए। बीआरओ ने दो दिन में सड़क खुलने की उम्मीद जताई है।
स्थानीय भूपेश दताल और कैलाश सुयाल ने बताया कि सड़क बंद होने से दारमा घाटी से आने वाले दस से अधिक वाहन फंसे हैं। बताया कि मौके पर बीआरओ की बड़ी मशीन नहीं होने से सड़क रविवार तक नहीं खुल पाई। दीलिंग दारमा सेवा समिति अध्यक्ष करन सिंह ग्वाल ने बताया कि आपदाग्रस्त घटखोला के स्थाई उपचार को लेकर कई बार बीआरओ के उच्च अधिकारियों से वार्ता की गई है।
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800 मीटर क्षेत्र भूकटाव की जद में
धारचूला। बीआरओ 67 आरसीसी के ओसी सौरभ कुमार ने बताया कि घटखोला में जमीन के अंदर से पानी रिसने के कारण लगभग 800 मीटर क्षेत्र भू कटाव की जद में आया है। इसके चलते बारिश होने पर सड़क बंद हो जा रही है। उन्होंने बताया कि स्थायी उपचार के लिए आईआईटी रुड़की और अन्य एजेंसी से संपर्क किया गया है। उन्होंने शीघ्र समाधान की उम्मीद जताई है। संवाद