पिथौरागढ़। मौसम ने शनिवार को अचानक करवट बदली। मुनस्यारी के कालामुनि, बलाती बैंड और खलियाटॉप सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर हिमपात हुआ, जबकि निचले इलाकों में तेज गरज के साथ हल्की बारिश हुई। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी और बारिश से पूरा सीमांत जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। ठंड से बचाव के लिए कई लोग दिनभर घरों में दुबके रहे।
शनिवार सुबह हल्के बादल थे। साढ़े सात बजे तक पिथौरागढ़ सहित जिले के विभिन्न स्थानों में धूप निकली। आठ बजे अचानक बादलों से आसमान घिर गया। दिन में एक बजे तेज गरज के साथ बूंदाबांदी हुई। इस दौरान मुनस्यारी और धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जमकर हिमपात हुआ। मुनस्यारी के खलियाटॉप तक बर्फबारी हुई। कालामुनि और बलाती बैंड में तीन इंच हिमपात हुआ। हिमपात से कुछ स्थानों पर वाहन फंस गए। बर्फ में फंसे वाहनों को यात्रियों ने धक्का देकर निकाला। दिनभर हिमपात के चलते मुनस्यारी में कड़ाके की ठंड महसूस की गई। ठंड से बचने के लिए लोगों को अलाव जलाने पड़े। मुनस्यारी में व्यापारी भी दिनभर अलाव सेकते नजर आए। मुनस्यारी का बाजार सुनसान रहा। कड़ाके की ठंड के चलते अधिकतर लोग दिनभर घरों में ही दुबके रहे। मुनस्यारी में अधिकतम तापमान छह डिग्री और न्यूनतम माइनस दो डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जिला मुख्यालय में हल्की बूंदाबांदी हुई। नाचनी, डीडीहाट, अस्कोट, कनालीछीना आदि क्षेत्रों में भी हल्की बूंदाबांदी हुई। हिमपात और निचले इलाकों में बूंदाबांदी से ठिठुरन बढ़ गई है।
कड़ाके की ठंड के बावजूद नहीं जले अलाव
पिथौरागढ़। बर्फबारी और बारिश के बाद अब तापमान में काफी गिरावट आ गई है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अलाव जलाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इससे बेसहारा लोगों के साथ ही यात्रियों को ठिठुरना पड़ रहा है। जनमंच के संयोजक भगवान रावत ने प्रशासन से सुबह, शाम अलाव जलाने की मांग की है।