पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी और धारचूला में मौसम ने फिर करवट बदली। धारचूला और मुनस्यारी की ऊंची चोटियों में बर्फबारी और निचले इलाकों में हल्की बारिश हुई। धारचूला के दारमा और व्यास घाटी में एक सप्ताह के भीतर हुई दूसरी बर्फबारी से चीन सीमा से सटे गांवों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। वहीं सीमा सुरक्षा में डटे सैनिकों को बर्फ के बीच गश्त करनी पड़ रही है। बर्फबारी और बारिश के बाद दूसरे ही दिन जिले का तापमान चार डिग्री गिर गया। ऐसे में फिर से ठंड ने दस्तक दी है।
पिथौरागढ़ जिले में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। दोपहर बाद जिले के ऊंचाई वाले धारचूला के दारमा और व्यास घाटी के साथ ही मुनस्यारी के पंचाचूली, हंसलिंग, नागनीधुरा, छिपलाकेदार, मल्ला जोहार, खलिया में बर्फबारी हुई। दारमा और व्यास घाटी के 21 गांवों में एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार बर्फबारी होने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। व्यास घाटी के गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल के मुताबिक घाटी में दो इंच बर्फ गिरी इससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बर्फबारी के बीच सैनिक गश्त कर चीन सीमा की सुरक्षा में डटे हैं। वहीं मुनस्यारी के खलिया में एक इंच बर्फबारी हुई। पर्यटकों ने यहां पहुंचकर बर्फबारी का जमकर आनंद उठाया।
बारिश न होने से किसान निराश
जनवरी और फरवरी में अब तक बारिश नहीं होने से दिन में तेज धूप पड़ रही थी। शनिवार को धूप और बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। बादलों को देख काश्तकारों को पर्याप्त बारिश की आस जगी लेकिन उन्हें मौसम का साथ नहीं मिला। हल्की बूंदाबादी के बाद मौसम खुल गया तो किसानों को निराश होना पड़ा। बारिश नहीं होने से खेतों में बोई गई फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। गेहूं की बढ़वार भी प्रभावित हो गई है। कई जगहों पर मसूर और जौ की फसल सूख गई है। सब्जियों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ऐसे में बारिश न होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरने की संभावना बढ़ गई है।