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Snowfall: मुनस्यारी-धारचूला में बर्फबारी, निचले इलाकों में बढ़ी ठंड, 4 डिग्री गिरा तापमान; घरों में दुबके लोग

Sat, 15 Feb 2025 05:15 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़

सार

मुनस्यारी और धारचूला में मौसम ने फिर करवट बदली। धारचूला और मुनस्यारी की ऊंची चोटियों में बर्फबारी और निचले इलाकों में हल्की बारिश हुई। 
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बर्फबारी
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विस्तार
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पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी और धारचूला में मौसम ने फिर करवट बदली। धारचूला और मुनस्यारी की ऊंची चोटियों में बर्फबारी और निचले इलाकों में हल्की बारिश हुई। धारचूला के दारमा और व्यास घाटी में एक सप्ताह के भीतर हुई दूसरी बर्फबारी से चीन सीमा से सटे गांवों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। वहीं सीमा सुरक्षा में डटे सैनिकों को बर्फ के बीच गश्त करनी पड़ रही है। बर्फबारी और बारिश के बाद दूसरे ही दिन जिले का तापमान चार डिग्री गिर गया। ऐसे में फिर से ठंड ने दस्तक दी है।

पिथौरागढ़ जिले में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। दोपहर बाद जिले के ऊंचाई वाले धारचूला के दारमा और व्यास घाटी के साथ ही मुनस्यारी के पंचाचूली, हंसलिंग, नागनीधुरा, छिपलाकेदार, मल्ला जोहार, खलिया में बर्फबारी हुई। दारमा और व्यास घाटी के 21 गांवों में एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार बर्फबारी होने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। व्यास घाटी के गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल के मुताबिक घाटी में दो इंच बर्फ गिरी इससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बर्फबारी के बीच सैनिक गश्त कर चीन सीमा की सुरक्षा में डटे हैं। वहीं मुनस्यारी के खलिया में एक इंच बर्फबारी हुई। पर्यटकों ने यहां पहुंचकर बर्फबारी का जमकर आनंद उठाया।

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उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के साथ ही डीडीहाट, नाचनी, अस्कोट सहित अन्य हिस्सों में हल्की बारिश होने से तापमान में चार डिग्री गिरावट आई इससे ठंड का असर बढ़ गया है। बीते शुक्रवार जिले का अधिकतम तापमान 21 डिग्री था। शनिवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री रिकार्ड किया गया। ठंड बढ़ने से लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं। 

बारिश न होने से किसान निराश
जनवरी और फरवरी में अब तक बारिश नहीं होने से दिन में तेज धूप पड़ रही थी। शनिवार को धूप और बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। बादलों को देख काश्तकारों को पर्याप्त बारिश की आस जगी लेकिन उन्हें मौसम का साथ नहीं मिला। हल्की बूंदाबादी के बाद मौसम खुल गया तो किसानों को निराश होना पड़ा। बारिश नहीं होने से खेतों में बोई गई फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। गेहूं की बढ़वार भी प्रभावित हो गई है। कई जगहों पर मसूर और जौ की फसल सूख गई है। सब्जियों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ऐसे में बारिश न होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरने की संभावना बढ़ गई है। 

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बंगापानी में बिजली गुल, लोग परेशान
बंगापानी में मौसम में खराबी के बाद बिजली गुल रही। सुबह से ही बिजली आपूर्ति ठप रहने से क्षेत्र की पांच हजार से अधिक की आबादी को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग पूरे दिन बिजली का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें यूपीसीएल का साथ नहीं मिला। बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोग हीटर, ब्लोवर का उपयोग नहीं कर सके और उन्हें कड़ाके की ठंड में घरों के भीतर दुबके रहना पड़ा।

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