मंगलवार सुबह हुई बारिश से तापमान में भारी गिरावट आ गई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पिछले 24 घंटे में यहां 12 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। जिला मुख्यालय में सुबह गरज के साथ तेज बारिश हुई। इस कारण जनजीवन पर असर पड़ा। दोपहर तक यहां रिमझिम बारिश का क्रम चलता रहा लेकिन अपराह्न दो बजे से बारिश थम गई। चंपावत जिले में मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि हुई।
मुनस्यारी के आसपास की सभी पहाड़ियों पर बर्फ गिर गई है। मर्तोलीधार, बेटुलीधार, पातलथौड़, नया बस्ती तक बर्फ पट गई है। मुनस्यारी नगर में सुबह के समय बर्फ के फाहे गिरने लगे लेकिन ज्यादा देर टिक नहीं पाई। डीडीहाट में आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पहले से ही तीन फीट तक बर्फ जमा थी। मंगलवार को फिर से बर्फ गिर गई है। नाभीढांग में 2.5 फीट, कालापानी में दो फीट, छियालेक में 1.5 फीट, गुंजी में एक फीट और गर्ब्यांग में भी एक फीट ताजा बर्फ गिर गई है। आईटीबीपी के सेनानी केदार सिंह ने बताया कि उच्च हिमालयी पोस्टों में तैनात जवानों को अलर्ट किया गया है। भारी हिमपात के दौरान गश्त करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है। इस बीच पूरे जिले में कड़ाके की ठंड का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के निदेशक डा. आनंद शर्मा ने बताया कि बुधवार से मौसम में थोड़ा सुधार होने लगेगा।
लोहाघाट में ओलावूष्टि से बालातड़ी गांव में बिजली की लाइन में पेड़ गिरने से दो डबल पोल तथा एक सिंगल पोल ध्वस्त हो गए हैं। जिसके कारण गांव की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ठप हो गई है। उपखंड अधिकारी एचएस सौन के अनुसार इस गांव में एक पखवाडे़ पूर्व ही नया ट्रांसफार्मर लगाया गया था। इधर थुवा मौनी में भी दो पोल टूट गए हैं। इस गांव में भी विद्युत व्यवस्था भंग हो गई है। खूना बोरा गांव में भी बिजली से ट्रांसफार्मर में खराबी आई।
उधर, बरसात ने टनकपुर क्षेत्र में टमाटर की फसल को नुकसान पहुंचाया है। वहीं बनबसा में बारिश के साथ कहीं-कहीं हल्की ओलावृष्टि भी हुई। वर्षा को काश्तकार गेहूं की फसल के लिए जहां वरदान मान रहे हैं। वहीं सब्जी उत्पादक विशेषकर टमाटर की फसल को खासी नुकसान हुआ है।